महिला ने तेंदुए से बच्चे को बचाया।
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बहराइच के कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत बरखड़िया बीट के तेलियनपुरवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ दिनदहाड़े गांव में आ धमका। गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने सड़क किनारे बैठे एक मासूम बच्चे को दबोचकर ले जाने का प्रयास किया। बेटे को बचाने के लिए मां तेंदुए से भिड़ गई और करीब दस मिनट तक संघर्ष करती रही। घटना में महिला, उसका पुत्र और एक युवक घायल हो गए।
तेलियनपुरवा गांव निवासी मीना (32) पत्नी हीरालाल सुबह अपने पांच वर्षीय पुत्र मोहित के साथ गन्ने के खेत के पास सड़क किनारे बैठी थी। तभी अचानक खेत से निकले तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। बेटे को तेंदुए के जबड़े में फंसा देख महिला ने साहस दिखाते हुए तेंदुए से भिड़ंत कर दी। उसने बच्चे को पकड़कर छुड़ाने का प्रयास किया और शोर मचाने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला करीब दस मिनट तक तेंदुए से संघर्ष करती रही। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के शोर और भीड़ बढ़ने पर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर गन्ने के खेत की ओर भाग गया।
भागते समय तेंदुए ने पास खड़े उमेश (26) पुत्र बिंद्रा पर भी हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर और गर्दन पर गहरे घाव हो गए। वहीं, महिला के हाथ, पैर और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। बच्चे मोहित को भी खरोंचें आई हैं।
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया।
सूचना मिलते ही कतर्नियाघाट वनक्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम को गांव में निगरानी के लिए लगाया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और तेंदुए की तलाश की जा रही है।