सपने देखने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए ईमानदारी से मेहनत भी करनी चाहिए। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और सफलता एक न एक दिन जरूर आपके सामने सिर झुकाती है।
यह कहना है स्वाति अग्रवाल का, जिन्होंने यूपीएससी के सिविल सर्विसेज परीक्षा के परिणाम में 651 रैंक हासिल कर परिवार समेत जिले का गौरव बढ़ाया है। उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
फिलहाल, वह असिस्टेंट कमिश्नर वैट के पद पर गोमती नगर, लखनऊ कार्यालय में तैनात हैं।
नानपारा के स्टेशन रोड निवासी स्वाति अग्रवाल ने बचपन में ही सिविल सर्विसेज के जरिए समाजसेवा का लक्ष्य तय कर लिया था।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने शैक्षणिक यात्रा के प्राथमिक स्तर से ही कड़ी मेहनत शुरू कर दी थी। स्वाति ने वर्ष 2002 में शहर स्थित सेवेंथ डे इंटर कॉलेज से हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की।
इसके बाद 2004 में लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा भी अव्वल दर्जे से उत्तीर्ण कर अभिभावकों का मान बढ़ाया।
उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया। वर्ष 2007 में उन्होंने राजनीतिक विज्ञान में गोल्ड मेडल हासिल किया और फिर अपने सपनों को पंख देने में जुट गई।
दो साल की कड़ी मेहनत के बाद पीसीएस परीक्षा वर्ष 2009 के बैच में व्यापार कर आयुक्त के पद पर उनका चयन हुआ। वर्तमान में स्वाति गोमतीनगर स्थित व्यापार कर कार्यालय में तैनात हैं।
इसके बाद भी उन्होंने और अच्छा पद पाने के लिए अपनी मेहनत जारी रखी। ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज व स्वाध्याय से फिर उन्होंने मुकाम हासिल किया है।
स्वाति ने इस सफलता का श्रेय पिता विजय छापड़िया, मां पुष्पा देवी, ताऊ ओम प्रकाश छापड़िया, बद्री प्रसाद छापड़िया, भाई मोहित छापड़िया व भाभी कंचन को दिया है।
बहराइच के बड़े व्यवसायी हैं स्वाति के पिता
स्वाति के पिता विजय छापड़िया जिले के बड़े व्यवसायियों में गिने जाते हैं। उनकी मसूर छांटी और चावल मिल बहराइच भिनगा मार्ग पर कल्पीपारा के पास स्थित है। विजय ने कहा कि वह परिवार समेत लखनऊ में ही हैं। उन्होंने कहा कि बेटी ने फिर से पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। उन्हें व पूरे परिवार को स्वाति पर नाज है।