रिसिया में स्थित रेलवे स्टेशन। -संवाद
रिसिया। बहराइच-नानपारा-रूपईडीहा रेलमार्ग पर पिछले दो वर्षों से चल रहा आमान परिवर्तन (गेज परिवर्तन) का कार्य पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर खाली ट्रेन चलाकर ट्रायल भी किया गया और उच्च रेल अधिकारियों ने निरीक्षण कर इसे हरी झंडी भी दे दी है। इसके बावजूद पिछले दो महीनों से ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्रीय जनता में निराशा है।
आमान परिवर्तन के कारण इस रूट पर पिछले दो साल से ट्रेनों का आवागमन बंद है। रेल सेवा ठप होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रिसिया से बहराइच और मटेरा के बीच आवागमन के लिए रेल के अलावा कोई अन्य सुलभ साधन उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में लोगों को टेम्पो और ऑटो-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जो महंगा और असुविधाजनक साबित हो रहा है।
क्षेत्रीय व्यापारी श्रवण मित्तल, महेश अग्रवाल, दीपक गोयल, सुधीश अग्रवाल सहित सभासद आशीष सिंह और पवन मोदनवाल ने केंद्रीय रेल मंत्री, मंडल रेल प्रबंधक और अन्य संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि बहराइच-नानपारा-रूपईडीहा के बीच तत्काल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रैक तैयार होने के बाद भी देरी करना समझ से परे है।