रिसियामोड़ (बहराइच)। बहराइच में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए रास्ता साफ हो गया। रिसिया की ग्राम पंचायत बंगलाचक की जिस जमीन पर वन विभाग अपना हक जता रहा था, वह ग्राम पंचायत की है।
लिखापढ़ी के बाद वन विभाग ने जमीन से कब्जा छोड़ दिया है। इस मामले में ग्राम पंचायत के सदस्यों ने खुली बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए नौ हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव पास कर प्रशासन को सौंप दिया है।
फाइल शासन को भेजी गई है, बजट मिलते ही निर्माण शुरू होगा।
मालूम हो कि जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना को साल भर पूर्व हरी झंडी मिली थी। पहले मेडिकल कॉलेज भवन के लिए कृषि अनुसंधान केंद्र के निकट जमीन को चिह्नित किया गया था लेकिन कृषि विभाग ने जमीन देने से इन्कार कर दिया था।
इसके बाद तहसील नानपारा क्षेत्र के रिसिया ब्लॉक में ग्राम पंचायत बंगलाचक में ग्राम समाज की जमीन को चिह्नित किया गया। लेकिन, इस जमीन पर वन विभाग अपना कब्जा दिखा रहा था।
इसकी सूचना पर ग्राम पंचायत ने जब तफ्तीश करवाई तो पता चला कि जिस जमीन पर वन विभाग कब्जा जता रहा है, वह जमीन ग्राम पंचायत की ही है।
अभिलेखों की पड़ताल में पता चला कि वर्ष 1988 में इस जमीन को सुरक्षा के लिए वन विभाग के सुपुर्द किया गया था लेकिन न तो वन विभाग ने जमीन की सुरक्षा की न ही उस पर पौधरोपण करवाया।
ग्राम पंचायत के प्रधान व सदस्यों ने अभिलेख अधिकारियों के पास पहुंचाया। इसके बाद लिखापढ़ी शुरू हुई, तब वन विभाग ने जमीन से अपना कब्जा छोड़ा।
इस मामले में ग्राम प्रधान गंगाराम, सचिव लेखपाल परशुराम वर्मा की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई, जिसमें मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए ग्राम पंचायत बंगलाचक में ग्राम समाज की नौ हेक्टेयर जमीन जिला प्रशासन को देने का प्रस्ताव पारित हुआ।
ग्राम प्रधान ने बताया कि खुली बैठक का प्रस्ताव उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी को प्रदान कर दिया गया है। वन विभाग ने एनओसी भी दे दी है।
इसके साथ ही रिसिया के बंगलाचक में मेडिकल कॉलेज निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
बजट का है इंतजार : डीएम
जिलाधिकारी अभय कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत का प्रस्ताव मिल गया है। उसकी फाइल शासन को भेज दी गई है। शासन से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही बजट पास हो जाएगा और निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।