बहराइच/रिसियामोड़। बहराइच में मेडिकल कॉलेज निर्माण की अड़चनें लगभग दूर हो चुकी हैं। शनिवार को मेडिकल एजुकेशन के जॉइंट डायरेक्टर ने रिसिया के ग्राम पंचायत बंगलाचक की जमीन का निरीक्षण कर मेडिकल कॉलेज के लिए अधिग्रहीत नौ हेक्टेअर जमीन को उपयुक्त माना है।
बताया कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन के निर्णय पर केंद्र सरकार मुहर लगाएगी और बजट मिलते ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो जाएगा।
बहराइच में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए करीब एक वर्ष पूर्व हरी झंडी मिली थी। पहले कॉलेज निर्माण के लिए शहर स्थित फसल अनुसंधान केंद्र के पास जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन कृषि विभाग ने जमीन देने से इंकार कर दिया।
इसके बाद नानपारा तहसील के रिसिया ब्लॉक अंतर्गत बंगलाचक ग्राम पंचायत में ग्राम समाज की जमीन को चिह्नित किया गया लेकिन इस जमीन पर वन विभाग अपना दावा जता रहा था। ग्राम पंचायत ने तफ्तीश करवाई तो भूमि ग्राम पंचायत की ही निकली।
जुलाई में ग्राम प्रधान गंगाराम, सचिव लेखपाल परशुराम की अध्यक्षता में खुली बैठक हुई, जिसमें मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए नौ हेक्टेअर जमीन जिला प्रशासन को देने का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन, जिला प्रशासन व शासन ने जो फाइल केंद्र को भेजी उस पर केंद्र ने आपत्ति जताई। इससे मेडिकल कॉलेज का मामला अधर में लटक गया।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर शनिवार को मेडिकल एजुकेशन के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ बीडी सिंह बहराइच पहुंचे। उन्होंने सीएमओ डॉ केबी जैन, सीआरओ यूएस उपाध्याय, एसडीएम नानपारा घनश्याम और राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर हेमंत श्रीवास्तव के साथ रिसिया स्थित बंगलाचक जमीन का निरीक्षण किया।
डॉ. बीडी सिंह ने जमीन को मेडिकल कॉलेज निर्माण के उपयुक्त माना है। इसके बाद जिला अस्पताल स्थित परिसर में चल रहे उच्चीकरण कार्य का भी अवलोकन किया है। उन्होंने बताया कि इसका विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित किया जाएगा।