बहराइच। किसानों की भूमि के वरासत मामले मेें बहराइच जिले को प्रदेश में अव्वल माना गया है। यहां सोमवार तक कुल 50 हजार वरासत हो चकी हैं। इससे रिकाॅर्ड भी कायम हुआ और यहां का वरासत मॉडल भी पूरे प्रदेश में लागू हो चुका है। वरासत के बाद खतौनी में नाम दर्ज होने से किसानों की संख्या बढ़ी है जिससे उनको सम्मान निधि का भी लाभ मिलने लगा है।
जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने बताया कि 6 जुलाई 2021 से 17 अप्रैल 2023 तक 21 माह 12 दिवस की अल्पअवधि में ही संचालित किये गये निर्विवादित वरासत अभियान के दौरान दर्ज 50006 प्रकरणों का निस्तारण कराते हुए 43746 मृतक कृषकों के उत्तराधिकारियों का नाम खतौनी आदेश में दर्ज किया गया है।
29 अक्टूबर 2018 से 04 जुलाई 2021 के बीच लगभग 32 माह की अवधि में मात्र 15698 आनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण कराते हुए 12379 मृत कृषकों के वारिसानों का नाम खतौनी आदेश में दर्ज किया गया। डीएम ने बताया कि मुख्य राजस्व अधिकारी, उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों और तहसील स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समय-समय पर दिशा निर्देश निर्गत किये जाते रहे। डीएम ने बताया कि ग्रामों में सार्वजनिक स्थानों पर चौपाल लगाकर खतौनी पढ़ी गई तथा मृतक खातेदारों को चिन्हित कर आवश्यक प्रपत्रों को प्राप्त करते हुए स्वयं आनलाइन आवेदन कर जायज उत्तराधिकारियों के नाम खतौनी में दर्ज कराकर ग्राम, ब्लाॅक एव तहसील स्तर पर खतौनियों का नि:शुल्क वितरण कराया गया।
डीएम ने बताया कि अभियान के दौरान न सिर्फ निर्विवादित वरासतों का अंकन कराया गया बल्कि शासन द्वारा चलायी जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे किसान-सम्मान निधि, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना व किसान क्रेडिट कार्ड से भी जोड़ा गया। इसका परिणाम यह रहा कि वर्ष 2021-2022 में किसान सम्मान-निधि योजनान्तर्गत कृषक लाभार्थियों की संख्या 3.75 लाख के सापेक्ष बढ़कर 5.30 लाख हो गयी जिससे किसानों को 93 करोड़ रूपये सम्मान निधि प्राप्त हुई।
डीएम ने यह भी बताया कि निर्विवादित वरासत अभियान का एक सुखद पहलू यह रहा कि नवीन कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलाये जाने के उद्देश्य से संचालित किये गये अभियान अन्तर्गत विभिन्न बैंकों के माध्यम से 52880 नवीन किसानों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा से लाभान्वित कराया गया है। जबकि 85118 किसानों के क्रेडिट कार्ड का नवीनीकरण किया गया है।