बहराइच। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अब गंभीर रोगों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली कंसल्टेसी की शुरुआत की जाएगी। इसके जरिए मेडिकल कॉलेज समेत गैर जनपदों में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिल सकेंगी। परामर्श के बाद हेल्थ एटीएम से जांचें भी हो जाएंगी।
बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र के रोगियों को जांच के लिए निजी पैथालॉजी का सहारा लेना पड़ता था। इससे निजात दिलाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेेल्थ एटीएम की स्थापना कराई गई। जिले में पयागपुर, कैसरगंज, मोतीपुर, नानपारा व महसी समेत छह केंद्रों पर हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इससे शुगर, हेपेटाइटिस समेत 40 तरह की जांचें की जा रही हैं। शेष सीएचसी पर भी हेल्थ एटीएम लगाने की योजना है। वहीं, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली कंसल्टेसी शुरू करने की कवायद भी चल रही है। सुविधा शुरू होने के बाद सीएचसी पर तैनात चिकित्सक मरीज की जांच करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित रोग के विशेषज्ञ चिकित्सक से बात कर मरीजों को दवा उपलब्ध कराएंगे। मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों को सुधार होने या न होने की रिपोर्ट भी दी जाएगी। इसके आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सक दवा या खुराक में बदलाव करेंगे।
वर्तमान में मेडिकल कॉलेेज में ओपीडी में प्रतिदिन औसतन ढाई हजार मरीज आते हैं। अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के ही होते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम के साथ टेली कंसल्टेंसी सेवा का शुभारंभ होने से मेडिकल कॉलेेज आने वाले रोगियों की संख्या में भी कमी होगी।
टेली कंसल्टेेंसी सेवा का शुभारंभ सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
डॉ. एसके सिंह, सीएमओ।