बहराइच। फूड लाइसेंस की अनिवार्यता के बाद भी बच्चों को स्कूलों में बांटा जाने वाला एमडीएम खाद्य सुरक्षा के मानक ताक पर रख कर तैयार हो रहा है। सुरक्षा मानकों की निगरानी न होने से इसका सेवन करने वाले बच्चों की सेहत कभी भी दांव पर लग सकती है। एमडीएम की फूड सेफ्टी से जुड़ी निगरानी का जिम्मा छह माह पहले शासन ने खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को सौंपा था। इसके बावजूद अफसरों की उदासीनता के कारण छह माह बाद भी एमडीएम योजना के किसी भी संचालक ने अभी तक एफएसडीए से फूड लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी नहीं समझा।
स्कूलों में संचालित मिड-डे-मिल योजना के तहत बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस पर रोक लगाने व बच्चों को खाने में सुरक्षित व संतुलित आहार के लिए ही एमडीएम में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री से लेकर इस बनाने में फूड सेफ्टी के मानकों की निगरानी की जिम्मेदारी बीते वर्ष जुलाई माह में एफएसडीए को सौंपी गई थी। इसके तहत ही शासन ने एमडीएम बनाने के कार्य से जुड़ी संस्थाओं के लिए भी एफएसडीए से फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया था। यह खाद्य लाइसेंस खाना बनाने में प्रयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता व विद्यालयों में स्थित रसोईघरों में सफाई के तय मानकों के अनुपालन के आधार पर जारी होना था।
शासन की ओर से यह भी निर्देश जारी किए गए थे कि विभाग के अधिकारी नियमित अंतराल पर बच्चों को परोसे जाने वाले एमडीएम के नमूनों की सैंपलिंग कर इसकी गुणवत्ता जांच का कार्य लैब रिपोर्ट से करेंगे। छह माह बीत जाने के बावजूद जिले के विद्यालयों में संचालित एमडीएम योजना के तहत दोपहर में खाना बनाने से जुड़े किसी भी संचालक ने अभी तक एफएसडीए से फूड लाइसेंस लेना तो दूर इसके लिए ऑन लाइन आवेदन तक करना मुनासिब नहीं समझा है।
शासन ने एमडीएम योजना की निगरानी का जिम्मा एफएसडीए के कार्यक्षेत्र में शामिल कर दिया है। इसके तहत ही योजना की जिम्मेदारी संभालने वाले विद्यालय के शिक्षक व प्रधानाचार्यों के लिए एमडीएम बनाने से पूर्व विभागीय स्तर से फूड लाइसेंस लेना भी जरूरी हो गया है। लाइसेंस लेने की यह पूरी प्रक्रिया आनलाइन है। हालांकि अभी तक किसी भी विद्यालय अथवा एमडीएम सप्लाई से ुजुड़ी किसी भी संस्था ने फूड लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है। जल्द ही जिले भर में इसके पंजीकरण को लेकर अभियान चलाया जाएगा।
विनोद कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त द्वितीय एफएसडीए