बहराइच। कहने को सरकारी डॉक्टर लेकिन सरकारी मकान को भी बना रखा है क्लीनिक। अस्पताल में अक्सर नदारद रहने वाले ये चिकित्सक घर पर देखने के लिए 300 रुपये फीस भी वसूलते हैं। एसडीएम ने घर पर पहुंच कर जांच की तो तीन डॉक्टरों के यहां मरीज बैठे मिले। एसडीएम की रिपोर्ट पर डीएम ने प्राचार्य को कार्रवाई करने के निर्देश दिये है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में बने चिकित्सकों के आवास पर मंगलवार देर शाम एसडीएम सदर सुभाष सिंह ने तहसीलदार सदर राज कुमार बैठा के साथ जांच की। यहां डॉ. प्रभाकर मिश्रा के आवास पर प्राईवेट प्रैक्टिस करने के पर्याप्त संसाधन मिले। मौके पर मौजूद पार्वती, ननकुन्ना, आकांक्षा व पारस द्वारा बताया गया कि वे डाक्टर साहब को दिखाने आये हैं। पार्वती ने यह भी बताया कि वह डाक्टर साहब को अगस्त से यहीं दिखा रही है और तीन सौ रुपये फीस भी दे रही है। यहां ‘सैंपल नॉट फॉर सेल’ अंकित भारी मात्रा में दवाईयां भी मिलीं।
इसी प्रकार चिकित्सक रिजवान खान के आवास के निरीक्षण के दौरान वे मौके पर नहीं मिले और न ही कोई मरीज ही पाया गया। मगर ऐसे पूरे साक्ष्य पाए गए जिससे यह साबित हो रहा था कि वे प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। इसके अलावा चिकित्सक डॉ. एसके त्रिपाठी के आवास के निरीक्षण में इनके द्वारा दरवाजा नहीं खोला गया। वहां पर एक तीमारदार रहमान पुत्र इकबाल मिले। बताया कि वह अपने आठ माह के बच्चे को दिखाने आए हैं व उनके द्वारा 250 रुपये फीस भी जमा की गई है।
जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए प्राचार्य मेडिकल कालेज डॉ. संजय खत्री को निर्देश दिया कि दोषी चिकित्सकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा सरकारी आवास में निजी प्रैक्टिस करने की शिकायत मिली थी। एसडीएम व तहसीलदार ने जांच में सही पाया। इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लि प्राचार्य को पत्र लिखा है। यहां लंबे समय से तैनात डॉ केके वर्मा के भी तबादले के लिए शासन को पत्र लिखा है।
-डॉ. दिनेश चंद्र, डीएम