बहराइच। वित्त नियंत्रक बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई पेंशन नीति के विरोध में शिक्षकों के स्वर मुखर होने लगे हैं। शुक्रवार को सभी खंड शिक्षाधिकारियों के कार्यालयों के समक्ष शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी बीईओ को सौंपा।
विशेश्वरगंज ब्लॉक संसाधन केंद्र पर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का नेतृत्व करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने कहा कि उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जारी किए गए पत्रों के माध्यम से नई पेंशन योजना प्रदेश के बेसिक शिक्षकों पर जबरन स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है। यह योजना एक अप्रैल 2005 में लागू की गई थी जो कि स्वैच्छिक है।
17 वर्षों के बाद इस प्रकार जबरदस्ती कर इसे शिक्षकों पर थोपने का प्रयास पूरी तरह से गलत है। शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारी मनमोहन सिंह से मांग करते हुए कहा कि जबरन नई पेंशन योजना स्वीकार करने तथा वेतन से जबरन कटौती करने व वेतन रोकने जैसे आदेशों को तत्काल निरस्त कराया जाए।
शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी बीईओ को सौंपा। इस अवसर पर सुशील कुमार मिश्र, अमित मिश्रा, विमला देवी, आनंद बिहारी शुक्ला समेत अन्य लोग मौजूद रहे। उधर चित्तौरा स्थित बीआरसी पर भी शिक्षकों ने उत्तर प्रदेेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के निर्देशन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने कहा कि शिक्षकों को नई पेंशन योजना स्वीकार करने के लिए जबरन दबाव बनाने का विरोध किया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षकों की ओर से खंड शिक्षाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।