रुपईडीहा (बहराइच)। कस्बा स्थित संकट मोचन मंदिर में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को कथावाचक ने श्रीराम व शबरी का प्रसंग प्रस्तुत किया। इससे उपस्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो उठे। कथावाचक ने कहा कि शबरी जैसी प्रतीक्षा हो तो भगवान अवश्य आएंगे।
कथावाचक आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने कहा कि शबरी मीठे बेर चखकर अपने आराध्य भगवान श्रीराम को दे रहीं थीं। भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खा लिए, लेकिन लक्ष्मण जी शबरी की प्रेम भावना को नहीं समझ पाए। उन्होंने शबरी के दिए बेर फेंक दिए। कथावाचक ने सभी लोगों से संतों का साथ करने की बात कही ताकि सद्विचार विकसित हो सकें। उन्होंने बताया कि मनुष्य को जन्म तो भगवान देता है, लेकिन संस्कार देने का कार्य गुरु करते हैं। गुरु का कार्य शिष्य को तराशना होता है। आजकल लोग गुरु को तो मानते हैं, लेकिन उनकी बातों को नहीं मानते हैं। सभी को गुरु की बात अवश्य माननी चाहिए जिससे उनका कल्याण हो सके। इस अवसर पर रामचंद्र जायसवाल, जनकदुलारी जायसवाल, गोमती देवी, मनोज जायसवाल, पूरन जायसवाल, दिलीप आदि मौजूद रहे।