बहराइच। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाई। इसके बाद पूजन-अर्चन व दान किया। जिले में कई जगह मेले भी लगे। मेलों में झूले समेत मनोरंजन के अन्य साधनों का लोगों ने लुत्फ उठाया। घरेलू सामान की खरीदारी भी की। महिलाओं में चूड़ी, बिंदी समेत अन्य सौंदर्य प्रसाधनों में विशेष रुचि दिखाई।
नगर के लखनऊ मार्ग स्थित मरी माता मंदिर के किनारे सरयू तट व त्रिमुहानी घाट पर मेले का आयोजन किया गया। इसमें सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे लगे। मंगलवार की शाम चंद्रग्रहण से पूर्व लगने वाले सूतक को देखते हुए सभी जल्दी से जल्दी स्नान कर पूजन-अर्चन में जुटे दिखे। हुजूरपुर क्षेत्र में सरयू नदी में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना की। मुर्तिहा अंतर्गत जालिमनगर स्थित सरयू तट पर भोर से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगने लगा। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासनिक अधिकारी व सुरक्षा कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे। नवाबगंज क्षेत्र स्थित जानकी गांव के पास स्थित राप्ती नदी के लक्ष्मणपुर रसोरवा व होलिया घाट पर भारत के साथ ही काफी संख्या में नेपाल के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ स्नान किया। यहां सुरक्षा के लिए एसएसबी जवानों के साथ ही काफी संख्या में पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।
इस अवसर पर जानकी गांव में एक सप्ताह तक चलने वाले मेले की शुरुआत भी की गई। नानपारा केतकिया घाट पर भी कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन के बाद मेले में झूले, नृत्य व नौटंकी का आनंद लिया। नानपारा कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह नाव पर भ्रमण कर सुरक्षा का जायजा लेते रहे। रिसिया में भी सरयू तट पर स्थित विश्राम घाट के मेले का आयोजन किया गया। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही भंडारे का भी आयोजन किया गया। नवाबगंज स्थित होलिया मेले में भारी भीड़ के कारण लगभग तीन दर्जन बच्चे माता-पिता से बिछड़ गए जिन्हें पुलिस कर्मियों ने उनके परिवार तक पहुंचाया।