बहराइच। दरगाह थाना क्षेत्र सलारगंज मोहल्ले के जमील कालोनी में रविवार को हुई अधिवक्ता की हत्या उसकी पत्नी ने ही एक मस्जिद के मुअज्जिम दोस्त व इमाम के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने यह खुलासा करते हुए घटना में प्रयुक्त चाकू व बांका बरामद करने के साथ ही तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस हत्या का कारण अधिवक्ता की पत्नी के साथ मस्जिद के मुअज्जिम की दोस्ती को मान रही है जबकि मृतक के भाई ने अवैध संबंध के कारण हत्या किए जाने की बात कही है। सलारगंज मोहल्ले के जमील कोलोनी में रविवार को अधिवक्ता सेवा उर्फ इंतजारुल हक (38) की गला रेत कर नृशंस हत्या कर दी गयी थी। हत्यारों ने अधिवक्ता के सिर, गर्दन व दोनो हाथों की अंगुलियों पर भी कई वार किए थे। इस हत्याकांड को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा रोष था। हत्याकांड के खुलासे में जुटी पुलिस टीमों ने काफी खोजबीन के बाद मात्र 12 घंटे में ही हत्याकांड का खुलासा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया।
घटना का खुलासा करते हुए एएसपी नगर कुंअर ज्ञानंजय सिंह ने सोमवार को बताया कि अधिवक्ता की हत्या उसकी पत्नी नुसरत जहां उर्फ गुलशुम (30) ने अपने दोस्त मुअज्जिम नदीम अहमद शेख (23) के साथ मिलकर की थी। वहीं इस हत्याकांड में नदीम का दोस्त मस्जिद का इमाम दाऊद (20) भी शामिल था। घटना के बाद से ही मृतक की पत्नी पर शक की सूई घूम रही थी कि जिस कमरे में पति की नृशंस हत्या हो गयी वहां सो रही पत्नी जाग तक नहीं सकी। सर्विलांस टीम की मदद से नुसरत जहां व नदीम के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग मिली। इसमें सामने आया कि दोनो हत्या की साजिश रच रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मृतक इंतजारुल हक के संबंध पत्नी के साथ अच्छे नहीं थे। इसी दौरान उसकी दोस्ती पास की मस्जिद के मुअज्जिम नदीम अहमद के साथ हो गयी। नदीम उसके बच्चों को उर्दू व अरबी पढ़ाने के लिए घर आता था। लेकिन वकील पति इन दोनो की दोस्ती में बाधा बन रहा था। इस लिए दोनो ने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। हत्या के बाद दोनो निकाह करने की तैयारी में भी थे। हालांकि पुलिस द्वारा की गई पूछतांछ में दोनो ही हत्यारोपियों ने अवैध संबंधों की बात को खारिज किया।
मृतक के भाई अधिवक्ता रिजवानुल हक ने कहा कि पुलिस ने 12 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा कर अच्छा कार्य किया है। आरोप लगाया कि उनके भाई की हत्या दोस्ती में नहीं वरन भाई की पत्नी के अवैध संबंध थे। इसी अवैध संबंध में बाधा बनने पर उसकी हत्या की गयी। बताया कि आरोपी हाफिज नदीम घर पर आकर उनके पांच साल के भतीजे व तीन साल की भतीजी को पढ़ाने आता था।
एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि दरगाह पुलिस व स्वाट टीम ने मात्र 12 घंटे में घटना का खुलासा कर एक बेहतर कार्य किया है। इसके लिए मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपया की ईनामी राशि दी जाएगी। साथ ही इस बात भी प्रयास होगा कि एडीजी खुलासा टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करें। घटना का खुलासा करने में दरगाह प्रभारी मनोज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजेश्वर सिंह, नितिन उपाध्याय, असलम, स्वाट प्रभारी अनुज त्रिपाठी के साथ ही कांस्टेबल साहब सिंह, अजीत सिंह, करुणलेश शुक्ला, प्रियांशी अवस्थी, स्नेहा द्विवेदी शामिल रहे।