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भोर चार बजे दरवाजा खुलवा कर शौहर को ले गए

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बहराइच। भोर में चार बजे करीब अचानक दरवाजे को खटखटाने की आवाज आई। दरवाजा खोला तो सामने 25 से 30 की संख्या में एनआईए व पुलिस के लोग मौजूद दिखे। बिना कुछ बोले सभी लोग सीधे घर में घुसकर तलाशी लेने में जुट गए। शौहर के बारे में पूछते हुए उनको अपनी गिरफ्त में ले लिया और इसके बाद बिना अनुमति वहां मौजूद परिवार के सभी लोगों का मोबाइल भी स्विच ऑफ करा दिया। बाद में बिना कोई अनुमति दिखाए ही पति को पूछतांछ के लिए अपने साथ लेकर टीम वापस लौट गयी। यह आंखों देखी हिरासत में लिए गए पीएफआई सदस्य कमरुद्दीन की पत्नी तबस्सुम ने अमर उजाला को पूछताछ के दौरान बताई।
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तबस्सुम ने बताया कि मेरे पति बढ़ई का काम कर घर का खर्चा चलाते हैं। इसके अलावा वह कोई और काम काज अथवा किसी संगठन का कार्य नहीं करते हैं। पत्नी ने बताया कि जब वह अपने पति के बारे में पूछताछ करने जरवल रोड थाने पहुंची तो वहां कोई सीधे मुंह बातचीत करने वाला तक नहीं मिला। मौजूद लोग मेरे पति को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे थे। दावा किया कि मेरे शौहर कभी किसी गलत काम में शामिल नहीं रहे हैं। अल्लाह मेरे व परिवार के साथ जरूर इंसाफ करेगा। बताया कि उसके परिवार में चार बच्चे हैं।
जरवल रोड थाने में दर्ज रिकार्ड के मुताबिक आरोप कमरुद्दीन वर्ष 2020 में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके दो अन्य साथी भी उस समय जेल गए थे। उसके बाद से दो साल बाद गुरुवार को उसे फिर से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। दूसरी तरफ कमरुद्दीन के भाई बच्छन ने बताया कि उसका भाई घर के सिवा कहीं बाहर नहीं जाता था। कस्बे में ही रहकर वह अपनी दुकान चलाता था। उसने बताया कि यह बात सही है कि पांच साल पहले उसके भाई ने पीएफआई की सदस्यता ली थी लेकिन वह कभी भी सक्रिय तौर पर इस संगठन से जुड़ा नही रहा।
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