सरकार का सिंगल स्टेज डिलीवरी सिस्टम गरीबों के निवाले पर भारी पड़ने लगा है। हालत यह है कि योजना के तहत लगे ठेकेदार काफी धीमी गति से खाद्यान्न का उठान कर रहे हैं। इसके चलते जुलाई में मिलने वाला पीएमजीकेएवाई का खाद्यान्न अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में भी नहीं मिल पाया है। खाद्यान्न समय से न मिलने से गरीब उपभोक्ताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
खाद्यान्न वितरण की पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए शासन की ओर से सिंगल स्टेज डिलिवरी सिस्टम की व्यवस्था बनाई गई थी। नई व्यवस्था के तहत बलिया की बजरंग ट्रेडर्स कंपनी को खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन जिले में व्यवस्था शुरू होते ही धड़ाम हो गई है। हालत यह है कि फर्म के ठेकेदारों की मनमानी गरीबों के निवाले पर भारी पड़ने लगी है। मालूम हो कि जिले में अंत्योदय के 1.27 लाख कार्डधारक हैं। 23.91 लाख से अधिक यूनिट पात्र गृहस्थी के उपभोक्ताओं की हैं।
सभी उपभोक्ताओं को खाद्यान्न का वितरण जिले में 1315 कोटे की दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। शासन की ओर से अगस्त माह में उपभोक्ताओं को आठ अगस्त से वितरण कराने की व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन फर्म के ठेकेदारों की ओर से पूरी क्षमता के साथ खाद्यान्न उठान न कराए जाने के चलते कोटे की दुकानों पर समय से खाद्यान्न की खेप नहीं पहुंच पा रही है। वितरण की अंतिम तिथि शासन की ओर से 20 अगस्त निर्धारित की गई है। दुकानों पर अभी तक मासिक खाद्यान्न की खेप नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मासिक खाद्यान्न कब मिलेगा। इस पर सवाल उठने लगे हैं।