बहराइच। जिले में गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों की खासी तादाद है। साथ ही पड़ोसी जनपदों से भी प्रतिदिन यहां काफी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन जिला चिकित्सालय में डायलिसिस की सुविधा न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मोटा शुल्क देकर निजी स्वास्थ्य केंद्रों से डायलिसिस करानी पड़ती है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन काफी संख्या में मरीज आते हैं। इनमें गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के भी काफी मरीज होते हैं। निशुल्क व बेहतर इलाज की आस में यहां आने वाले रोगियों को डायलिसिस की सुविधा नहीं मिल पाती है। निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर डायलिसिस कराने में मरीजों को दो से तीन हजार रुपये चुकाने पड़ते हैं जिससे आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों व उनके परिजनों को काफी दिक्कत होती है।
जिला चिकित्सालय प्रशासन की ओर से डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कई बार शासन को पत्र भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीएमएस डॉ. एमएमएम त्रिपाठी ने बताया कि जिला चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से योजना तैयार की गई है। इसके तहत पीपीपी मोड पर डायलिसिस मशीन की स्थापना व संचालन किया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द ही सुविधा मिलने लगेगी।