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कान्हा और पन्ना टाइगर रिजर्व की तर्ज पर कतर्नियाघाट में बनेगा ओवरब्रिज

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बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में नोमेंस लैंड के समानांतर सड़क निर्माण की कवायद चल रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूआई की रिसर्च टीम ने जो मसौदा तैयार किया है, उसमें कान्हा और पन्ना टाईगर रिजर्व की तरह कतर्नियाघाट में ओवरब्रिज का निर्माण होगा। 10-10 मीटर की ऊंचाई पर ओवरब्रिज का निर्माण सरकार कराएगी। ओवरब्रिज के नीचे से वन्यजीव गुजरेंगे जबकि ऊपर सड़क मार्ग से एसएसबी के जवान व वन विभाग के कर्मचारी आवागमन कर सकेंगे। इस पर मंथन शुरू हो गया है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग 550 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। प्रभाग में दुर्लभ बाघ, तेंदुआ, बारहसिंघा, मोर के अलावा जलीव जीवों में कछुआ, मगरमच्छ, डाल्फिन और घड़ियाल विचरण करते हैं। कतर्नियाघाट से नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूआई (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया) के अधिकारी, दुधवा नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर और कतर्नियाघाट के डीएफओ ने मार्ग का निरीक्षण किया था। डब्ल्यूडब्ल्यूआई रिसर्च टीम के अनुसार कतर्नियाघाट में वनों तथा वन्यजीवों को सुरक्षित करके ही नोमेंस लैंड के समानांतर सड़क निर्माण कराया जाएगा।
प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बताया कि कतर्नियाघाट में मध्य प्रदेश के पन्ना और उत्तराखंड के कान्हा टाईगर रिजर्व की तरह ऊंचाई में फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। जिससे जंगल में वन्यजीवों को नुकसान न हो। साथ ही हजारों पेड़ों को सुरक्षित किया जाएगा। जंगल क्षेत्र में फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। जिससे जंगली जीव फ्लाईओवर के नीचे से आसानी से निकल सकें। उन्हें एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में विचरण करने में परेशानी नहीं होगी। साथ ही जंगल क्षेत्र का इलाका भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के निर्माण से एसएसबी और वनकर्मियों को सीमा और जंगल की सुरक्षा करने में आसानी होगी। संवाद
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डीएफओ ने बताया कि जंगल में बनने वाला ओवरब्रिज 10-10 मीटर की ऊंचाई का होगा। जिससे ओवरब्रिज निर्माण में पड़ने वाले पेड़ों को नुकसान नहीं पहुंचेगा। साथ ही अधिक ऊंचाई पर आवागमन करने से वन्यजीवों को भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कतर्नियाघाट के डीएफओ ने बताया कि जंगल क्षेत्र में जो ओवरब्रिज और फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। उसके नीचे से वन्यजीव आसानी से विचरण कर सकेंगे जबकि फ्लाईओवर के ऊपर से सिर्फ एसएसबी के जवान और वनकर्मी ही आवागमन कर सकेंगे। आम लोगों के लिए आवागमन बंद रहेगा।
सीमा और जंगल की सुरक्षा की मजबूती के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीडब्ल्यूडी और डब्ल्यूडब्ल्यूआई के रिसर्च टीम द्वारा प्रत्येक बीओपी से बार्डर आउट पोस्ट बोओपी को जोड़ने के लिए सड़क मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए समानांतर सड़क निर्माण होगा। रिसर्च टीम के अध्ययन के बाद जंगल से होकर सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। इस निर्माण से जंगल और वन्यजीवों को नुकसान नहीं होगा।
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- आकाशदीप बधावन, डीएफओ, कतर्नियाघाट
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