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350 गरीब व निराश्रित बच्चों का भविष्य अधर में लटका

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बहराइच। जंगल, सड़क या गलियों में टहलने वाले बच्चों व ढाबों पर काम करने वाले बालकों को वन विभाग के दरोगा द्वारा निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। पांच बच्चों से शुरू हुआ मोगली विद्यालय में अब तक 350 से अधिक बच्चे निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। लेकिन अचानक शासन ने उपनिरीक्षक का तबादला कानपुर में कर दिया है। ऐसे में निशुल्क शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है। अब उन्हें शिक्षा कौन देगा, इसे सोचकर परिवारीजन भी परेशान हैं। अंतिम दिन बच्चों ने घर में बने खाना को खिलाकर उपनिरीक्षक को भावभीनी विदाई दी।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज कार्यालय में तीन वर्ष छह माह पूर्व स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार की तैनाती हुई थी। उपनिरीक्षक ने जंगल की सुरक्षा पूरी तत्परता के साथ की। उपनिरीक्षक ने बताया कि वह जंगल की सुरक्षा के दौरान कई बच्चों को सड़क पर टहलते देखा। साथ ही होटल पर मासूम बच्चे काम कर रहे थे। गलियों में टहल रहे बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्होंने मोतीपुर रेंज कार्यालय में ही विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया। जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा की शुुरुआत की।
उपनिरीक्षक ने बताया कि पहले शुरू में दो से तीन बच्चे पढ़ने के लिए आए। इसके बाद धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़ती चली गई। आज मोगली विद्यालय में 350 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 10 किलोमीटर के परिक्षेत्र में टहलने वाले बच्चों को पकड़कर शिक्षा दी जाने लगी। जिससे बच्चों में साक्षरता बढ़ी। शिक्षण कार्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए एसटीपीएफ के उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार के साथ उनकी टीम के लोग बच्चों को निशुल्क शिक्षा, पाठ्य सामग्री भी वितरित करते थे। जिससे मोगली विद्यालय के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन अब शासन ने उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार का कानपुर नगर में यातायात प्रभारी के पद पर तबादला कर दिया है। इसकी जानकारी बच्चों व उनके अभिभावकों में हुई तो सभी मायूस हो गए। भावुक बच्चे रविवार को अपने घर से बना खाना लेकर अपने शिक्षक के लिए लेकर आए। उपनिरीक्षक ने बच्चों के घर बना खाना प्यार से खाकर सभी को आशीर्वाद दिया। बच्चों से विदाई लेते समय माहौल गमगीन हो गया। उपनिरीक्षक सोमवार को कानपुर के लिए रवाना हो गए।
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उपनिरीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि मोगली विद्यालय का संचालन फरवरी 2018 में शुरू हुआ। विद्यालय संचालन में पहले सिर्फ पांच बच्चे पढ़ने आते थे। लेकिन सुविधाओं को देखकर परिवार के लोगों ने बच्चों को स्कूल में भेजना शुरू कर दिया। अब विद्यालय में 350 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
मोगली विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों ने कई जगह आयोजित परीक्षा में प्रतिभाग किया था। जिनमें बच्चों का बेहतर परिणाम आया था। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2020 में मोगली विद्यालय के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा वार्ता की थी। बच्चों का हौसला बढ़ाया था।
मोतीपुर रेंज कार्यालय परिसर में एसटीपीएफ के दरोगा द्वारा मोगली विद्यालय का संचालन किया जा रहा था। जिसमें काफी संख्या में बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लेकिन बच्चों को पढ़ाने वाले दरोगा तबादला कानपुर हो गया है। सरकारी नौकरी में तबादला होना स्वाभाविक है। लेकिन बच्चों की शिक्षा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अब उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है।
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- आकाशदीप बाधवान, डीएफओ कतर्नियाघाट
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