बहराइच। तराई में मानसून की दस्तक के साथ शुरू हुई बारिश में जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। रविवार सुबह से शुरू हुई बरसात सोमवार देर शाम तक जारी रही। कई मोहल्ले पूरी तरह से टापू बने नजर आए। खेत भी पानी से भर गए हैं। कस्बों और गांवों में हालात और भी खराब हैं। सड़कें जलमग्न हैं। तेज हवाओं के चलने के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। सोमवार को जिले में 114 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई। जबकि 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलती रहीं।
तराई में दो दिन पहले ही मानसून ने दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर 15 जून से शुरू होने वाले मानसून ने इस बार दो दिन पहले ही तराई को झमाझम बरसात से भिगो कर रख दिया है। रविवार की सुबह से ही जिले में भारी बरसात शुरू हो गई। मूसलाधार बरसात का सिलसिला देर रात तक चला। अगले दिन सोमवार को भी बरसात जारी रही। मूसलाधार बारिश होने के कारण शहर के कचेहरी रोड, घंटाघर से छोटी बाजार जाने वाला मार्ग, बड़ीहाट, जोशियापुरा, खत्रीपुरा, नौवागढ़ी समेत अन्य इलाके पानी से डूबे नजर आए। बख्शीपुरा और नौवागढ़ी में हालात और भी खराब थे।
यहां लोगों के घरों में पानी घुसना शुरू हो गया। भारी बरसात के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त नजर आया। सोमवार का दिन होने के कारण कामकाजी वर्ग को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं मजदूरी पेशा वर्ग भी बरसात होने के कारण परेशान नजर आया। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव होने से रास्तों पर गुजरना मुश्किल था। तेज हवाएं चलने के कारण बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। कई जगह पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए। जिससे भी आपूर्ति में समस्या पैदा हुई।
मानसूनी बरसात शुरू हो चुकी है। 16 जून तक गरज-चमक व तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बरसात होने की संभावना है। मौसम को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वह फसलों की सिंचाई न करें। यदि सब्जी के खेत में जलभराव हो गया हो तो नाली बनाकर खेत का पानी निकाल दें।
डॉ. एमपी सिंह मौसम वैज्ञानिक
मूसलाधार बरसात होने के कारण जिले के सभी इलाकों में बिजली आपूर्ति की समस्या बनी रही। रिसिया के नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव हो गया। रिसिया थाने से लेकर नगर पंचायत कार्यालय जाने वाले मार्ग पर दो से तीन फुट के करीब पानी चल रहा था। ऐसे में राहगीरों को दिक्कतें उठानी पड़ी। पूरे नगर की आपूर्ति ठप रही।