फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खत्म हुआ क्लोजर तो लौट आई गेरुआ की रौनक

विज्ञापन
विज्ञापन
बिछिया (बहराइच)। घाघरा बैराज पर क्लोजर खत्म होते ही गेरुआ और कौड़ियाला नदी में पानी एकत्र होने लगा है। इसी के साथ सूखी दिख रही नदी सामान्य होने लगी है जिसके चलते जलीय जीवों की उछलकूद भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन

चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर गेटों की मरम्मत के लिए प्रति वर्ष बारिश के मौसम से पहले ही 15 से 20 दिन का क्लोजर कर गेटों को उठाकर गेरुआ और कौड़ियाला नदी का सारा पानी घाघरा में छोड़ दिया जाता है। इससे गेरुआ और कौड़ियाला का जलस्तर न के बराबर हो जाता है। इसी बीच गेटों के पार्ट, पुर्जे आदि की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाता है। इस बार 14 व 15 मई की मध्य रात्रि को बैराज का क्लोजर कर दिया गया था जिससे गेरुआ और कौड़ियाला नदी में जमा पानी घाघरा में बह गया था। इस बीच 20 दिन क्लोजर का कार्य चला जिसके चलते गेरुआ नदी भी सूख गई थी। बैराज प्रभारी संतराम वर्मा ने बताया कि क्लोजर के दौरान बैराज के गेटों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। शुक्रवार सुबह से गेटों को डाउन करने का कार्य शुरू हुआ जो शाम तक चला। इस दौरान सभी गेटों को बंद कर क्लोजर खत्म कर दिया गया है।
बैराज पर क्लोजर होते ही नेपाल से बहकर आने वाली गेरुआ नदी का सारा पानी घाघरा में बह जाता है। ऐसे में गेरुआ में ढलान वाली जगह पर ही पानी बचता है जिसमें जलीय जीव अपना आसरा बना लेते हैं। क्लोजर खत्म होते ही नदी समान्य हो गई है जिससे एक बार पुन: डॉल्फिन की उछलकूद और मगरमच्छ व घड़ियाल समेत अन्य जलीय जीवों की अटखेलियां शुरू हो गई हैं।
विज्ञापन

बैराज प्रभारी संतराम वर्मा का कहना है कि रविवार को सरयू योजक नहर और शारदा सहायक योजक नहर में पानी की मांग के अनुसार पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित है जिसको लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें