बहराइच। प्रशासकों के सहारे चल रही ग्राम पंचायतों का कार्यभार अब ग्राम प्रधानों को मिल गया है। गांव की सरकार अस्तित्व में आ गई है। ग्राम प्रधानों ने मंगलवार से कार्यभार संभाल लिया है। पहले दिन 585 ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई। शेष निर्वाचित ग्राम प्रधानों को बुधवार को ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी। हालांकि शपथ लेने वाले ग्राम प्रधानों पर महामारी से बचाव व प्रवासी कामगारों को रोजगार देने की चुनौती रहेगी।
जिले में पंचायत चुनाव 29 अप्रैल को हुआ था जबकि मतगणना दो मई को हुई। 1045 ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार के लिए ग्रामीणों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया था। लेकिन कोरोना महामारी के चलते ग्राम प्रधानों को शपथ नहीं दिलाया गया था। जिससे गांव का कार्यभार ग्राम विकास अधिकारी व पंचायत सचिव देख रहे थे। इससे गांव में विकास की रफ्तार काफी धीमी थी। सरकार के निर्देश पर मंगलवार को ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई। ग्राम प्रधानों के साथ ग्राम पंचायत सदस्यों ने भी ऑनलाइन शपथ ली। शपथ लेते ही नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने गांव की सत्ता संभाल ली है।
अब सभी ग्राम प्रधानों पर गांव के विकास का जिम्मा रहेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी उमाकांत पांडेय ने बताया कि पहले दिन 585 ग्राम प्रधानों को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई। ब्लाक मुख्यालय पर मौजूद अधिकारियों ने ऑनलाइन शपथ ग्राम प्रधानों को दिलाई गई। डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम प्रधानों के साथ ग्राम पंचायत सदस्यों को भी ऑनलाइन दिलाई गई। रिसिया में बीडीओ रविशंकर प्रधान ने 37 ग्राम प्रधानों व सदस्यों को शपथ दिलाई। नवाबगंज में बीडीओ शैलेंद्र सिंह ने बताया कि तहसीलदार नानपारा ने शपथ दिलाई है। फखरपुर में एडीओ पंचायत गुलामुद्दीन जिलानी ने शपथ दिलाई। मिहींपुरवा में बीडीओ चंद्रशेखर प्रसाद ने शपथ दिलाई। उन्होंने बताया कि शेष छूटे ग्राम प्रधानों को बुधवार को ऑनलाइन शपथ दिलाई जाएगी। इसकी तैयारी पूरी है। वहीं गांवों का जिम्मा ग्राम प्रधान के हाथ में आने से महामारी में चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। कोरोना महामारी पर अंकुश व गांव में रह रहे प्रवासी कामगारों को रोजगार देने की चुनौती ग्राम प्रधानों के जिम्मे रहेगी। हालांकि इन सब पर ग्राम प्रधान कितना अव्वल रहते हैं। इसका अंदाजा एक माह में लग जाएगा। लगभग 22 दिनों से शपथ का इंतजार कर रहे नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों द्वारा मंगलवार को शपथ लेने की खुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी।
हुजूरपुर विकास खंड के ग्राम सरवा की ग्राम प्रधान किरन सिंह ने मंगलवार को ऑनलाइन शपथ ली। वह काफी खुश दिखीं। गांव के विकास के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव में किया जाएगा। ग्राम पंचायत करमुल्लापुर की ग्राम प्रधान किरन देवी ने कहा कि महामारी को रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। सरकारी योजनाओं को अमल में लाया जाएगा। मिहींपुरवा विकास खंड के ग्राम सेमरहना के प्रधान चंद्रदेव सिंह ने बताया कि महामारी के चलते काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक घर पर रहे हैं। ऐसे में अब जिम्मेदारी मिली है तो श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। जिससे उन्हें घर चलाने में परेशानी न हो। शिवपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम मसूदनगर की ऊषा देवी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद शपथ भी दिला दिया गया है। अब गांव के चहुंमुखी विकास के लिए विकास कार्य कराया जाएगा। कोरोना महामारी पर अंकुश के लिए विशेष बल दिया जाएगा।
चुनाव जीतने के बाद भी कई ग्राम प्रधान शपथ नहीं ले सके। इसका मुख्य कारण ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या न होना बताया जा रहा है। ऐसे में इन ग्राम प्रधानों के मन में मलाल है। फिर भी सभी विकास पर जोर देने की बात कह रहे हैं। शिवपुर विकास खंड अंतर्गत ग्राम सैयदनगर के कमलेश ने ग्राम प्रधान का चुनाव जीताहै। लेकिन वह शपथ नहीं ले सके। उन्होंने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता है। गांव की समस्या और विकास पर ध्यान देंगे। मिहींपुरवा विकास खंड के ग्राम मटेही की ग्राम प्रधान कुसुमा देवी ने कहा कि अधिकारियों से संवाद कर विकास पर बल देंगे। पयागपुर विकास खंड के ग्राम परसिया आलम की ग्राम प्रधान साकिरा और अकरौरा की ग्राम प्रधान सुमन चौधरी भी शपथ नहीं ले सकीं। दोनों का कहना है कि अधिकारियों से वार्ता कर उनके दिशा निर्देशन में काम किया जाएगा। जिससे लोगों को रोजगार दिया जा सके। कोरोना महामारी पर रोक लगाया जा सके।