10 बीएचआर 18 - स्टोरी- मटेरा में स्थित जंगलीनाथ शिव मंदिर।
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बहराइच। महाशिवरात्रि के दिन क्षेत्र के ऐतिहासिक जंगलीनाथ शिवमंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। में पौ फटते ही हर-हर भोले, बम-बम भोले के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठेगा। विधिवत पूजन के बाद मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। मंदिर समिति की ओर से जलाभिषेक के लिए आने वाले शिवभक्तों के लिए बैरिकेडिंग व अन्य जरुरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
जिला मुख्यालय लगभग 30 किमी दूर मटेरा में स्थित जंगलीनाथ शिवमंदिर में महाशिवरात्रि के दिन हजारों की संख्या में शिवभक्त व कांवड़ियों द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा। जनश्रुति के अनुसार द्वापर युग मे पांडवों ने आज्ञातवास का समय यहीं के जंगलों मे बिताया था। उन्होंने भगवान शिव का पूजन अर्चन के लिए यहा शिवलिंग की स्थापना किया था। बताया जाता है कि कालांतर मे कुछ चरवाहे यहीं के जंगलों मे मवेशियों को चरा रहे थे तो उन्होंने रस्सी बटने के लिए एक पत्थर पर बनकस को कूटना चाहा को उसमे से रक्तश्राव होने लगा। चरवाहों ने इसकी सूचना परिजनों को दी को मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और यह स्थान आस्था का केंद्र बन गया। आज भी यहां के शिवलिंग पर निशान मौजूद हैं। समय बीतने के साथ भक्तों ने यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया।
मंदिर के पुजारी मूनबाबा, पंड़ित अनिल शास्त्री ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन सुबह चार बजे से भगवान शिव का विधिवत श्रंगार पूजन, आरती किया जाएगा। इसके बाद शिवभक्तों के जलाभिषेक के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे।
महंत मूूनबाबा ने बताया कि भक्त पूजन सामग्री मे हल्दी, अक्षत, दूध, दही, घी, वेलपत्र, कमल पुष्प, समीपत्र, भांग, धतूर, मदार, तुलसी मंजरी, भष्म, चंदन, धूपबत्ती, कपूर सामग्री शामिल कर सकते है।