दीपावली समेत अन्य त्योहारों के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट जारी किया गया है। बढ़ते आवागमन को देखते हुए एसएसबी ने चौकसी बढ़ा दी है। रुपईडीहा सीमा पर आने-जाने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की जा रही है। चार पहिया वाहनों का विवरण भी दर्ज किया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों, स्कैनर, डॉग स्क्वायड व फेस रीडिंग तकनीक की मदद ली जा रही है।
जिले में भारत-नेपाल सीमा की लंबाई करीब 100 किलोमीटर है। यहां 42वीं, 59वीं और 70वीं वाहिनी के जवान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। 42वीं वाहिनी रुपईडीहा क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर सीमा पर निगरानी की जा रही है। मिहींपुरवा क्षेत्र में मांद नाले के पास 59वीं वाहिनी और कतर्नियाघाट व निशानगाड़ा क्षेत्र में 70वीं वाहिनी के जवान तैनात हैं।
त्योहारी खरीदारी के कारण सीमा पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र के लोग खरीदारी के लिए नेपाल के बांके जिले के नेपालगंज शहर पहुंच रहे हैं। रुपईडीहा बीओपी से सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 25 से 30 हजार लोगों का आवागमन होता है, लेकिन इन दिनों यह संख्या लगभग डेढ़ गुना हो गई है।
इसे देखते हुए 42वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट अमित कटियार के नेतृत्व में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। 42वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट गिरीश चंद पांडेय ने बताया कि सीमा पार करने वालों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, नागरिकता प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
बताया कि चार पहिया वाहनों का ब्योरा भी दर्ज किया जा रहा है। अवांछित गतिविधियों को रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवान सतर्क हैं। ग्रामीण रास्तों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।