बेटियों के प्रति मानसिकता बदल नहीं पा रही है। बेटियां बोझ न बनें, इस दूषित मानसिकता से अभी भी लोग ग्रसित हैं। जिसके चलते बुधवार को कड़ाके की ठंड में जन्म लेते ही मासूम बेटी को रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया गया। जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को मौके पर ही दफन करवा दिया।
बेटा और बेटी में फर्क न करने के संदेश दिए जाते हैं। बेटियां बढ़ चढ़कर परिवार का नाम भी रोशन कर रही हैं। इसके बावजूद दूषित मानसिकता उनकी दुश्मन बनी हुई है। बुधवार सुबह 11 बजे के आसपास कुछ लोगों ने एक नवजात बच्ची का शव बख्शीपुरा रेलवे क्रॉसिंग के निकट पड़ा देखा।
शरीर ठंड के चलते पूरी तरह ऐंठ गया था। लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की औपचारिकताएं निभाईं। फिर मासूम के शव को कुछ दूरी पर दफन करवा दिया। गौरतलब हो कि पांच दिन पूर्व भी रेलवे लाइन के किनारे घटनास्थल से आधा किलोमीटर की दूरी पर एक मासूम का शव मिला था।