किशोरी ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया और अपनी आबरू बचाई। लेकिन जब तक गांव के लोग दौड़े, आरोपी फरार हो गए। परिवारीजनों ने किशोरी को जिला अस्पताल उपचार के लिए पहुंचाया है। रामगांव थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दंपती शनिवार की सुबह धान काटने के लिए खेत चले गए। उन्होंने 15 वर्षीय बेटी को घर पर अकेला छोड़ दिया था।
सुबह करीब दस बजे किशोरी घर के आंगन में बैठी खाना खा रही थी। तभी गांव के सदरी व उसका बेटा सूरज उसके घर में घुस आए। इसके बाद सूरज ने किशोरी को दबोच लिया और रेप का प्रयास करने लगा। उसने विरोध किया तो सदरी उसे पीटने लगा।
लेकिन किशोरी ने साहस दिखाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आस-पास के लोग दौड़े। ग्रामीणों को घर की तरफ आता देख सदरी व उसका बेटा सूरज भाग निकले। तब तक किशोरी के माता-पिता भी घर आ गए। घर में भीड़ देखकर दंपती के होश उड़ गए।
किशोरी ने माता पिता को पूरी व्यथा सुनाई। उसे जिला अस्पताल उपचार के लिए लाया गया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि उपचार कराने के बाद सदरी व सूरज के खिलाफ थाने में तहरीर दी जाएगी।