बहराइच। भारत-नेपाल बॉर्डर पर चीन व पाकिस्तान की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद की जा रही है। इसके लिए बॉर्डर पर एटीएस की यूनिट बनने का काम शुरू हो गया है। यहां तैनात कमांडो 24 घंटे सीमा क्षेत्र की निगरानी करेंगे। जिले में करीब 110 किलोमीटर के दायरे में नेपाल की खुली सीमा निकली है। एटीएस यूनिट के निर्माण कार्य में करीब एक करोड़ 30 लाख रुपये का खर्च आएगा। यह लखनऊ-हाईवे किनारे बनाया जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) यूनिट की स्थापना कराने का निर्णय लिया था। जिसका निर्माण कार्य बाबागंज के समीप लखनऊ हाईवे पर शुरू हो गया है। नेपाल सीमा से कई बार एटीएस व एसटीएफ को बड़ी सफलता भी हाथ लग चुकी है। जिले की करीब 110 किलोमीटर खुली सीमा, सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं। काफी समय से नेपाल की चीन से बढ़ती नजदीकियां भी सरकार व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का सबब बनी हुई है। ऐसे में भारत की सीमा सुरक्षा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार नेपाल सरहद के निकट एटीएस यूनिट का निर्माण करा रही है। इससे पहले यूनिट के लिए जमीन तलाशने व एटीएस यूनिट निर्माण के लिए कई उच्च अधिकारियों ने नेपाल सीमा क्षेत्र का दौरा किया था। (संवाद)
सीमा पार से चलती हैं ये गतिविधियां
नेपाल सीमा के पार से बड़े पैमाने पर मानव तस्करी की जाती है। इसके साथ ही जाली नोटों, चरस, अफीम, स्मैक व अन्य नशीले पदार्थों के साथ असलहे आदि की तस्करी भी चोरी छिपे की जाती है। इसके साथ ही गई आतंकी, पाकिस्तानी नागरिक व चीनी जासूस यहां से पकड़े जा चुके हैं। लेकिन अब एटीएस दस्ते की तैनाती से काफी हद तक अवैध कार्यों को करने वाले लोगों पर लगाम लग सकेगी।
13 अक्तूबर से शुरू हुआ निर्माण
सरहद पर एटीएस यूनिट का निर्माण पुलिस आवास निगम लखनऊ कार्यदायी संस्था द्वारा कराया जा रहा। इस पर करीब एक करोड़ 30 लाख 71 हजार रुपये की कुल लागत आएगी। इस यूनिट का भवन तीन मंजिला होगा। ठेकेदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि 13 अक्तूबर से इसका निर्माण शुरू कराया गया है। एटीएस यूनिट के निर्माण के लिए 12481 स्क्वायर फुट जमीन कार्यदायी संस्था को मिली है। इंजीनियर मुस्तफीक रहमान और अभियंता संजीव सक्सेना की देख रेख में एटीएस भवन का निर्माण 11 महीने में पूर्ण कर दिया जाएगा।
भूकंप रोधी बन रहा भवन
एटीएस भवन का निर्माण एन-927 के मध्य भाग से 15 मीटर से ज्यादा छोड़कर बनाया जा रहा है। एटीएस भवन में पायल फाउंडेशन के तहत पूरा कार्य होगा जिससे भूकंप आने से भवन को कोई नुकसान न हो। प्रथम तल में दो रीजन ऑफिस, एक ट्रेनिंग रूम व दूसरे तल पर दो रीजन ऑफिस, एक ट्रेनिंग रूम के साथ तीसरे तल पर एक बड़ा हाल, रूम व किचेन आदि बनेगा।
नेपाल बॉर्डर के पास एटीएस यूनिट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे बॉर्डर एरिया में सुरक्षा-व्यवस्था और मजबूत हो सकेगी। बार्डर पर पुलिस व खुफिया विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहकर निगरानी करती है। -केशव चौधरी, एसपी