अवकाश के चलते बैंक बंद रहने से सोमवार को कैश की समस्या और बढ़ गई। एटीएम के सुचारु तरीके से संचालन का अधिकारियों का दावा हवाई साबित हुआ। सोमवार सुबह लोगों ने जब एटीएम का रुख किया तो उनके शटर बंद मिले। कैश के जरूरतमंद एक से दूसरे एटीएम भटकने के बावजूद निराश रहे।
पांच सौ व हजार के नोटों की बंदी के बाद से जिले के लोग कैश की किल्लत से जूझ रहे हैं। नोटों का प्रचलन बंद होने के बाद पांच दिन बाद भी लोगों की समस्या कम होती नहीं दिख रही है। सोमवार को तो यह दिक्कत और ज्यादा दिखी। व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए शनिवार और रविवार को बैंक खोले गए लेकिन सोमवार को अवकाश के चलते बंदी रही।
ऐसे में लोगों को एटीएम का सहारा था लेकिन वह दगा दे गए। सुबह सात-आठ बजे से ही लोग एटीएम पर पैसा निकालने पहुंचने लगे लेकिन ज्यादातर में ताला लटका मिला। कुछ जगहों पर एटीएम का शटर आधा खुला नजर आया तो कैश नहीं था।
यह समस्या एक-दो एटीएम की नहीं थी। बहराइच के सभी एटीएम कैश खत्म होने के चलते बेकार साबित हुए। एटीएम पर पहुंचे लोग निराश होकर व्यवस्था को कोसते लौटे। कई ग्राहकों ने तो शाम तक एटीएम के तीन से चार चक्कर लगाए। पूरे दिन लोग भटकने को मजबूर रहे। नगर क्षेत्र के 35 एटीएम बंद रहे।
ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम काम नहीं आए। रिसिया, नानपारा, मिहींपुरवा, नवाबगंज, रुपईडीहा, महसी, कैसरगंज, जरवल, हुजूरपुर, विशेश्वरगंज और बिछिया में भी एटीएम पर ताले लटके रहे।