बहराइच। वर्षा जल संरक्षण व पुराने बड़े तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार की ओर से अमृत सरोवर का विकास किया जा रहा है। इसके तहत जिले की 1045 ग्राम पंचायतों में इस वित्तीय वर्ष में 350 अमृत सरोवर के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है।
वर्षा जल संरक्षण के लिए सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत एक एकड़ से बड़े तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन तालाबों की फिर से खुदाई करवाई जा रही है। इनका सौंदर्यीकरण करवाया जा रहा है। योजना के तहत सभी अमृत सरोवरों के किनारे बैठने की बेंच, चारों ओर वॉकिंग एरिया व पौधरोपण करवाया जाना है। विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहरण की व्यवस्था करवाई जाएगी। अभी तक 250 अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं।
डीसी मनरेगा केडी गोस्वामी ने बताया कि शासन की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में अमृत सरोवर विकसित करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इस साल जिले में 350 नए अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। एक सरोवर के निर्माण पर दस से 25 लाख रुपये तक खर्च होता है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में तालाब चिह्नांकन का कार्य शुरू हो गया है।