फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एग्री जंक्शन में अनाज बेच खिले किसानों के चेहरे

Thu, 14 Apr 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
विज्ञापन
ई-जंक्शन हॉल का शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गिलौला थाना अंतर्गत गुटहरु गांव निवासी किसान घनश्याम वर्मा, सर्वजीत वर्मा, दीपक प्रसाद वर्मा, बाराती लाल और सोनवा थाना अंतर्गत गिलौली गांव निवासी केशवराम चौधरी, आत्माराम चौधरी ने जब एग्री जंक्शन में गेहूं बेचा तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। इन सभी ने यहां करीब 45-45 क्विंटल गेहूं बेचा है।
विज्ञापन


यही नहीं देहात कोतवाली अंतर्गत गोंडा रोड शिवनगर निवासी कमल गडोदिया, नगर कोतवाली क्षेत्र के ब्राह्मणीपुरा मोहल्ला निवासी राम औतार लाठ, छावनी बाजार के दीपचंद्र, नगरौर गांव निवासी मुरारी लाल अग्रवाल और नवीन मंडी स्थल निवासी चंद्र प्रकाश बंसल आदि व्यापारियों ने ऑनलाइन बोली लगाकर उत्पाद की खरीदारी की तो उनके चेहरे खुशी से फूले नहीं समाए।

केंद्र सरकार ने फरवरी माह में पेश आम बजट में प्रदेश के किसानों को एग्री जंक्शन से जोड़ने की घोषणा की थी। जिसे गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर धरातल पर उतार दिया गया। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद देर शाम मंडी परिषद कार्यालय में बनाए गए ई-जंक्शन हॉल का औपचारिक शुभारंभ अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने राष्ट्रीय कृषि बाजार के पोर्टल को संचालित कर किया।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने प्रयोग के तौर पर अभी प्रदेश के छह जनपद, बहराइच, सुल्तानपुर, लखीमपुर, ललितपुर, सहारनपुर व मथुरा की मंडियों को गेहूं के व्यापार के लिए डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा है। अब बहराइच का किसान इस प्लेटफार्म पर ऑनलाइन जुड़कर अपना उत्पाद किसी भी मंडी में बेच सकता है। 

मिले अच्छे दाम तो बनेगी बात
गिलौली गांव निवासी आत्माराम चौधरी कहते हैं कि केंद्र सरकार की यह योजना अच्छी है। ऑनलाइन प्लेटफार्म से ट्रांजैक्शन खर्च में कमी आएगी। लेकिन किसानों को अपने प्रोडक्ट की अच्छी कीमत मिले मिले तभी बात बनेगी। किसान बारातीलाल ने कहा कि एग्री जंक्शन के जरिए जिस खरीदार की कीमत ज्यादा होगी किसान उसे अपना प्रोडक्ट बेच सकेगा। केशवराम चौधरी ने कहा कि सरकार के इस प्रोजेक्ट से किसान सीधे खरीदार से जुड़ सकेगा। 

उत्पाद की होगी मुफ्त तौल
मंडी में आने वाले उत्पादों की तौल के लिए मंडी परिषद ने दो धर्मकांटा स्थापित किया है। यहां किसानों के उत्पाद की तौल मुफ्त की जाएगी। 

10 बिंदुओं पर होगी उत्पाद की जांच
किसानों के उत्पाद की जांच के लिए मंडी परिषद कार्यालय में गुणवत्ता जांच कक्ष स्थापित किया गया है। यहां नमी, उत्पाद के साथ मौजूद कंकड़-पत्थर, टूटे दाने, कम टूटे दाने, अविकसित दाने समेत 10 बिंदुओं पर उत्पाद की जांच की जाएगी। 

भंडारण की होगी व्यवस्था
सचिव समरनाथ यादव ने बताया कि पायलट परियोजना के तौर पर प्रदेश की अभी छह मंडियों को राष्ट्रीय ई कृषि बाजार के तहत आपस में जोड़ा गया है। मार्च 2018 तक देश भर की कुल 585 थोक कृषि उत्पाद मंडियों को राष्ट्रीय ई कृषि बाजार से जोड़ने का लक्ष्य है। इसमें किसान अपने उत्पाद को भंडारित कर सकते हैं, जब उन्हें लगता है कि अब दाम अच्छे मिलेंगे तो तब उत्पाद बेच सकते हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें