बहराइच। ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार करने वाले तीन दोषियों पर आखिरकार मुकदमा दर्ज हो ही गया। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से दोषियों को बचाने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद किसी की एक न चली। हाईकोर्ट में अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए आखिरकार ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक पर बीडीओ ने मुकदमा दर्ज करवा दिया। हुजूरपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत नकहरा अब्बोपुर निवासी सुनील सिंह ने गांव में हुए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी से की थी। लोकपाल मनरेगा ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया था और शिकायतें सही पाई गई थीं। इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए लोकपाल उमेश तिवारी ने ग्राम प्रधान प्रमोद श्रीवास्तव, पंचायत सचिव दीपक सिंह व तकनीकी सहायक संजय सिंह पर एफआईआर का आदेश दिया था। साथ ही तीनों से समानुपात में गबन किए गए करीब साढ़े सात लाख की रिकवरी का भी आदेश दिया था। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की और लोकपाल के आदेश को दरकिनार कर दिया। तब शिकायत कर्ता सुनील सिंह ने अधिवक्ता आशीष सिंह की मदद से हाईकोर्ट में रिट दायर की। आदेश पूरा न होते देख अधिवक्ता आशीष सिंह ने अवमानना दायर कर दी जिस पर न्यायमूर्ति ने कड़ी नाराजगी जताई, लेकिन सरकारी अधिवक्ता ने फिर से कोर्ट में कुछ दिन का समय मांगा। हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद और अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए आखिरकार बीडीओ संदीप सिंह ने तीनों दोषियों पर मुकदमा दर्ज करवा दिया है। थाना प्रभारी हरेंद्र मिश्र ने बताया की दोषियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।