बहराइच में अस्पताल चौराहे के पास सफाई व्यवस्था का जायजा लेते डीएम।
बहराइच। साफ-सफाई के नाम पर भले ही प्रतिमाह लाखों खर्च हो रहा हो लेकिन इसके बावजूद इंतजाम बदहाल है। शहर में इस समय हर तरफ गंदगी की भरमार है। डीएम डॉ दिनेश चंद्र ने जब बृहस्पतिवार को दोपहर साफ-सफाई का जायजा लिया तो वह भी दंग रह गए। सफाई का समय जहां सुबह छह बजे रहता है वहीं बारह बजे दोपहर तक हर तरफ कूड़े की भरमार मिली। यह देख डीएम ने सफाई निरीक्षकों को फटकार लगाते हुए कहा ....उफ! शहर में इतनी गंदगी... आप लोग शर्म करो। डीएम ने दोनों सफाई निरीक्षकों का वेतन रोकने व ईओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखने का आदेश दिया है। इसके अलावा तीन दिन में हालात न सुधरने पर निलंबित करने की भी चेतावनी दी गई है। बृहस्पतिवार को दोपहर करीब बारह बजे डीएम डॉ दिनेश चंद्र अचानक अपने कार्यालय से निकलकर साफ-सफाई का हाल जानने शहर निकल पड़े। गोंडा मार्ग पर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास डीएम रुके तो देखा वहां कूड़े का ढेर लगा है। इस डीएम ने नगर पालिका के दो सफाई निरीक्षकों को फटकारा। इसके बाद डीएम अस्पताल मार्ग पर निकले वहां भी जगह-जगह पर सड़क किनारे कूड़े के ढेेर लगे मिले। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि यहां के दोनों सफाई निरीक्षकों का एक माह का वेतन रोका जाए और ईओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाए। डीएम ने कहा जो भी दुकानदार गंदगी फैलाता मिले उसके खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। इसके बाद सिद्वनाथ मंदिर मार्ग पर पहुंचने पर भी गंदगी मिलने पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति राय को निर्देश दिया कि तीन दिन के अंदर सफाई इंतजाम सही किए जाए नहीं तो सभी के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
चार सौ सफाई कर्मी, लेकिन काम कुछ नहीं
शहर में साफ सफाई के लिए चार सौ सफाई कर्मचारी तैनात है। इन पर दो सफाई निरीक्षक भी है। प्रतिमाह लाखों का बजट भी साफ-सफाई के नाम पर जाता है। इसके बाद भी व्यवस्था ऐसी कि कोई भी हालात देखकर कह देगा कि यहां कभी सफाई नहीं होती। इससे इस बात की आशंका जताई जा रही है कि सफाई के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाट करने का खेल हो रहा है।