बहराइच। आधी आबादी के ऊपर होने वाले अपराध के बाद जख्मों पर प्रशासन मरहम लगाएगा। शासन ने रेप, गैंगरेप, दहेज और एसिड पीड़ित महिलाओं को सहायता राशि देने के लिए गाइड लाइन का निर्धारण किया है। इसके लिए प्रोबेशन कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा।
महिलाओं पर आए दिन घरेलू हिंसा और अपराध के मामले आते रहते हैं। अब शासन ने अपराध से पीड़ित महिला को फिर से सामाजिक जीवन में सुधार और उत्थान के लिए सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम ने बताया कि रेप के बाद मौत होने पर महिला के बच्चों या आश्रितों को तीन से लेकर सात लाख रुपये तक दिए जाएंगे।
कामकाजी महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर रेप होने पर तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। गैंगरेप का केस दर्ज होने पर पीड़िता को सात लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। एसिड अटैक होने पर पीड़िता को तीन से दस लाख िमलेंगे।
दहेज पीड़ित महिलाओं की मौत होने पर उसके बच्चों को तीन लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पॉक्सो एक्ट के तीन सेक्शन के तहत एक लाख से तीन लाख रुपये िमलेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला कल्याण कोष के तहत यह धनराशि एसपी की ओर से सूचना भेजने और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी।