इस दौरान उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के समस्त अभिलेखों को तलब किया है। योजनाओं को पारदर्शी बनाए जाने पर भी मंथन किया गया है। इस दौरान जेएसवाई घोटाले की जांच करने पहुंची स्टेट टीम पर मौजूद रही।
वित्तीय सत्र 2014-15 व 15-16 में जननी सुरक्षा योजना के तहत फखरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर धांधली हुई है। इसका खुलासा गत जून माह में बौंडी निवासी वृद्ध विधवा ननकई के प्रकरण से हो चुका है। सूत्रों की मानें तो अनियमितता की जड़ें अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से भी जुड़ी हुई हैं और इसके तार सीएमओ कार्यालय में फैले हुए हैं।
पूर्व में डीएम अभय कुमार, तत्कालीन कमिश्नर आरपी अरोड़ा व अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. उमाकांत वर्मा कर चुके हैं। इन जिम्मेदारों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। लेकिन अब राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के निदेशक ने जांच शुरु की है। जांच करने के लिए निदेशालय के संयुक्त निदेशक डॉ. एनके बनौघा के नेतृत्व में टीम बहराइच पहुंची है।
टीम एडी डॉ उमाकांत वर्मा के साथ फखरपुर पीएचसी का दौरा कर चुकी है। शुक्रवार को एडी ने सीएमओ कार्यालय में जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक की और सभी से गत दोनों वित्तीय सत्रों के जननी सुरक्षा योजना के अभिलेख तलब किए हैं।
सूत्रों की मानें तो जांच अब अपने अंतिम दौर में है। इस दौरान बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। एडी ने केंद्र प्रभारियों व ब्लॉक डेटा ऑपरेटरों को व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश दिया है। इस अवसर पर समस्त संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।