- विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का लिया जायजा
- बच्चों में कोई भी बुखार हो सकता है दिमागी बुखार
- बिना देरी अस्पताल लाने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। मच्छरों से फैलने वाले संचारी रोगों की पहचान कर त्वरित इलाज पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता हर घर का भ्रमण कर संचारी रोगों से बचाव, लक्षणों व इसके उपचार सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक कर रहीं हैं। इसके अलावा डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार, टीबी रोग व कुष्ठ रोग के संभावित व्यक्तियों की पहचान कर जांच व उपचार की सूची बना रही हैं। अभियान की गुणवत्ता परखने के लिए अपर निदेशक स्वास्थ्य देवीपाटन मंडल डॉ. जयंत कुमार ने शुक्रवार को पयागपुर के पथरकट्ट पुरवे का भ्रमण कर स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिये।
इस अवसर पर अपर निदेशक ने कहा कि दिमागी बुखार से बचाव के लिए पहला टीका 9 माह से 12 माह, दूसरा टीका 16 माह से 24 माह के बच्चे को नियमित टीकाकरण के अंतर्गत जरूर लगवाएं। घरों के आस पास साफ सफाई रखें, मच्छर से बचने के लिए पूरी बांह वाली कमीज और फुल पैंट पहने, स्वच्छ पेयजल ही पीयें, आस-पास जल जमाव न होने दें क्योंकि मच्छर इसी जल में पनपते हैं। कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखें और व्यक्तिगत साफ सफाई रखें। उन्होंने कहा इन व्यवहारों को अपनाकर संचारी रोगों से बचा जा सकता है। बुखार होने पर बच्चों को बिना देरी के नजदीकी सरकारी अस्पताल में ले जाएं, क्योंकि कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है।
इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से संभावित संचारी रोग जैसे डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार, टीबी रोग व कुष्ठ रोग के संभावित व्यक्तियों की पहचान कर जांच और इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भेजने के निर्देश दिये। साथ ही लक्षण युक्त व्यक्तियों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर दर्ज करने के लिए कहा। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. थानेदार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मनीष द्विवेदी, बीपीएम अनुपम शुक्ला, आशा कार्यकर्ता अलका तिवारी आदि मौजूद रहे।