बहराइच। मोतीपुर थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने जब ससुरालवालों से स्वयं सहायता समूह में काम जारी रखने को कहा तो उसे घर में ही बंधक बना लिया गया। लगभग चार दिनों तक महिला को कहीं जाने नहीं दिया गया। महिला ने निदेशालय महिला कल्याण व वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ की प्रबंधक को सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश भेज कर मदद की गुहार लगाई। इसके बाद जिले के वन स्टॉप सेंटर की टीम व पुलिस हरकत में आई और महिला के घर पहुंच कर टीम ने उसे आजाद करवाया। महिला के ससुरालवालों को वन स्टॉप सेंटर बुलाकर समझाने की कोशिश की जा रही है।मोतीपुर थाना क्षेत्र निवासी एक 32 वर्षीय महिला ने अपने पैरों पर खड़े होने की ठानी और स्वयं सहायता समूह में जुड़ गई। महिला का यह निर्णय उसके ससुरालवालों को रास नहीं आया और काम छोड़ने की बात कही। महिला ने इसका विरोध किया और अपने चार वर्षीय बेटे के भविष्य के लिए काम जारी रखने पर अड़ी रही। गुस्साए ससुरालवालों ने महिला को घर में कैद कर दिया। घर में बंधक बनाए जाने के दौरान महिला ने किसी तरह व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी पीड़ा महिला कल्याण निदेशालय लखनऊ की पूनम व वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ की प्रबंधक अर्चना तक पहुंचाई।
इसके बाद दोनों ने जिले के वन स्टॉप सेंटर की संचालिका रचना कटियार को जानकारी दी। रचना कटियार ने बताया कि सीओ नगर राजीव सिसौदिया व मोतीपुर थानाध्यक्ष मुकेश सिंह को अवगत कराया गया। साथ ही बृहस्पतिवार रात टीम के साथ महिला के घर पहुंच कर उसे आजाद करवाया गया। महिला बहुत डरी हुई थी। महिला को वन स्टॉप सेंटर के शेल्टर होम में लाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवा कर रखा गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को महिला के ससुराल वालों को सेंटर बुलाकर समझाया गया है। परिजनों ने महिला के नौकरी करते रहने पर सहमति जाहिर की है। पूरी तरह संतुष्टि मिलने के बाद महिला को उसके घर भेज दिया जाएगा।