जरवल (बहराइच)। घाघराघाट वन चौकी पर दो साल से वाचर के पद पर तैनात ग्रामीण को वेतन नहीं दिया गया। वेतन मांगने पर वन दरोगा द्वारा नौकरी से निकाल दिया गया। विरोध करने पर दरोगा ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी है। वेतन दिलाने की मांग और वन दरोगा पर कार्रवाई को लेकर वाचर ने 10 दिसंबर को आत्मदाह की चेतावनी दी है।
बहराइच वन प्रभाग के कैसरगंज रेंज अंतर्गत घाघराघाट वन चौकी पर वाचर कमलेश काम कर रहा है। वाचर का कहना है कि वह दो वर्ष से दैनिक श्रमिक के रूप में काम कर रहा है। लेकिन बीते एक वर्ष से उसे वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिससे पीड़ित का परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। वाचर ने वेतन न मिलने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की।
इससे नाराज वन क्षेत्राधिकारी और वन दरोगा ने वाचर को नौकरी से निकाल दिया। साथ ही पुन: शिकायत करने पर दरोगा द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इससे परेशान वाचर ने मुख्यमंत्री, डीएम और डीएफओ को पत्र भेजकर बकाया वेतन दिलाने की मांग की है। साथ ही अवैध कटान में संलिप्त दरोगा के विरुद्ध जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
कार्रवाई न होने पर वाचर ने 10 दिसंबर को घाघराघाट स्थित वन विभागकी पौधशाला में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। इस मामले में डीएफओ मनीष कुमार सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।