बहराइच। भाभी व तीन भतीजियों की हत्या के आरोपी बालकराम को अदालत से राहत नहीं मिली। प्रभारी जिला जज पवन कुमार शर्मा द्वितीय ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि मामला मोतीपुर थाना के पकड़िया दीवान स्थित रमईपुरवा गांव का है। आरोपी बालकराम ने वर्ष 2018 में अपने भाई संतोष की हत्या कर दी थी, जिसके चलते वह जेल गया था। जेल से रिहा होने के बाद वह अपने मृत भाई की पत्नी सुमन के साथ रहने लगा और हत्या के मुकदमे में सुलह करने के लिए उस पर दबाव बनाने लगा। सुमन के इन्कार करने पर आरोपी ने 14 अगस्त 2025 को अपने साथी अनिरुद्ध की मदद से उसे फोन कर गांव के बाहर बुलाया।
अभियोजन के अनुसार सुमन अपनी तीन बेटियों 11 वर्षीय नंदिनी, छह वर्षीय अंशिका और तीन वर्षीय लाडो के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचीं। वहां आरोपी बालकराम और उसके साथी ने चारों का अपहरण कर लिया तथा उन्हें लखीमपुर खीरी जिले के सिसैया चौराहे के पास ले जाकर चारों की हत्या कर दी। इसके बाद शवों को शारदा नदी में फेंक दिया था।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई। आरोपी की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए इसे खारिज कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर हत्या जैसा जघन्य और गंभीर अपराध करने का आरोप है। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाना न्यायोचित नहीं है।