बौंडी/कैसरगंज। ग्राम पंचायत गोड़हिया नंबर तीन के मजरा मल्लाहनपुरवा में शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे दबे पांव घर में घुसा भेड़िया मां के आंचल में सो रहे चार माह के मासूम को खींच ले गया। घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई, ग्रामीण रातभर बच्चे की तलाश में जुटे रहे। रविवार दोपहर बाद बच्चे के कपड़े व अवशेष गांव से एक किमी दूर गन्ने के खेत में मिले।
मजरा मल्लाहनपुरवा गांव निवासी संतोष कुमार का चार माह का बेटा शनिवार रात सुभाष अपनी मां किरण के साथ फूस की झोपड़ी में सो रहा था। किरण भी गहरी नींद में थीं, तभी अचानक एक भेड़िया झोपड़ी में घुस आया और मासूम को जबड़े में दबोच ले गया।
बच्चे की चीख और आहट से मां की नींद खुल गई। उन्होंने बच्चे को भेड़िये के जबड़े में देखा तो चीखने लगीं। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन जब तक लोग पहुंचते, भेड़िया बच्चे को दबोचकर भाग गया।
घटना से आधी रात को पूरे गांव में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम भी रात डेढ़ बजे गांव पहुंच गई। लोग खोजबीन में जुटे, लेकिन रात में मासूम का कोई पता नहीं चल सका।
रविवार दोपहर बाद गांव से एक किमी दूर मासूम के खून से सने कपड़े और अवशेष गन्ने के खेत में मिले। कपड़ों को देखकर परिजन फफक पड़े। पुलिस ने अवशेष को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि गांव में टीम तैनात है, ड्रोन से भेड़िये की तलाश की जा रही है। सुबह से नदी और गन्ने के खेतों की ओर तीन स्थानों पर एक-एक घंटे के अंतराल में लोकेशन मिली है, दो शूटरों को लगाया गया है, देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
डीएफओ ने बताया कि अब तक भेड़िये के हमले में 10 लोगों की मौत हुई है, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं। वहीं चार भेड़ियों को मार दिया गया है।