नाले की सफाई में मिलीं कोडिन सिरप की खाली शीशियां।
रुपईडीहा। नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा कस्बे में एनएच-927 पर चल रहे नाला सफाई अभियान के दौरान शुक्रवार को बड़ी संख्या में कोडीनयुक्त कफ सिरप की खाली शीशियां मिलीं। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में नशे के बढ़ते कारोबार पर सवाल खड़े हो गए हैं। इन शीशियों ने औषधि प्रशासन व संबंधित विभागों की कार्यशैली को लेकर स्थानीय लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा क्षेत्र के कुछ मेडिकल स्टोरों पर कोडीनयुक्त कफ सिरप समेत अन्य नशीली दवाओं की अवैध बिक्री लंबे समय से जारी है। उनका आरोप है कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नेपाल से आने वाले कुछ युवक भी इन सिरप का सेवन करते हैं और खाली शीशियां नालों में फेंक देते हैं। नाले से एक साथ एक ट्राॅली से अधिक संख्या में खाली शीशियां मिलना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में नशीली दवाओं का कारोबार व्यापक स्तर पर हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और सीमावर्ती क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।
नाला सफाई में खानापूर्ति का आरोप, भुगतान रोकने की मांग
एनएच-927 के दोनों ओर चल रहे नाला सफाई अभियान पर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ठेकेदार केवल नालों के ढक्कन हटाकर ऊपर जमा कूड़ा निकाल रहा है, जबकि भीतर जमे प्लास्टिक, गाद और कचरे की समुचित सफाई नहीं की जा रही है। इससे जल निकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। सभासद शैलेश जायसवाल, योगेंद्र शर्मा और अनिल अग्रवाल समेत कई स्थानीय लोगों ने कहा कि सफाई कार्य की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही है।