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Bahraich News: काॅलेज के मैदान में दौड़ रहा छात्र ट्रैक पर गिरा, मौत

Thu, 14 Aug 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
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नानपारा के सआदत इंटर कॉलेज में सदौड़ अभ्यास करते समय हुई छात्र की मौत के बाद बिलखते परिजन।   -स
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नानपारा/शिवपुर। सआदत इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाली दौड़ प्रतियोगिता का बुधवार को अभ्यास चल रहा था। इस दौरान कक्षा नौ के छात्र हिमांशु कुमार दौड़ते हुए अचानक मैदान में बेहोश होकर गिर गए। गंभीर हालत में सीएचसी नानपारा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। बताया कि समय पर इलाज मिलता तो हिमांशु की मौत नहीं होती।
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कॉलेज में सुबह आठ बजे सभी छात्रों को तैयारी के लिए बुलाया गया था। इसमें भग्गापुरवा निवासी हिमांशु कुमार (15) भी सौ व दो सौ मीटर दौड़ में भाग लेने के कारण तैयारी के लिए आए थे। पहले राउंड में सौ मीटर की दौड़ शुरू हुई ही थी कि वह अचानक ट्रैक पर दौड़ते समय बेहोश हो गए। शिक्षकों को लगा कि गर्मी के कारण ऐसा हुआ होगा।


इसलिए वह करीब एक घंटे तक बस पानी का छींटा ही हिमांशु के चेहरे पर मारते रहे। होश नहीं आया। हालत गंभीर देख खेल शिक्षक निमिष गुप्ता व अन्य स्टाफ ने हिमांशु को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सक सुरेश वर्मा ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतवाली नानपारा प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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मामले की जांच की जा रही है : तहसीलदार
सआदत इंटर कॉलेज एक एडेड विद्यालय है, जिसकी प्रबंध समिति के अध्यक्ष स्वयं जिलाधिकारी बहराइच हैं, प्रबंधक तहसीलदार नानपारा और उपाध्यक्ष उपजिलाधिकारी नानपारा हैं। इतने उच्च प्रशासनिक पदाधिकारियों की देखरेख में संचालित संस्थान में इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में प्रबंध समिति के प्रबंधक तहसीलदार अंबिका चौधरी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है।


युवाओं में अचानक हृदयगति रुकने के मामले बढ़े
विशेषज्ञ डॉ. सुरेश वर्मा के मुताबिक, हाल के वर्षों में किशोर और युवाओं में भी खेलकूद या शारीरिक परिश्रम के दौरान हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य जांच और प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकीय निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भी समय-समय पर छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए।


खेल में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्रों को बुधवार सुबह बुलाया गया था। पहले सौ मीटर रेस हुई। उसमें हिमांशु भी दौड़ रहे थे। कुछ दूर जाते ही वह बेहोश हो गए। एंबुलेंस के लिए 108 पर फोन किया गया। दस मिनट जब तक एंबुलेंस नही आई तब तक हिमांशु को होश में लाने का प्रयास किया गया, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं पाए।
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-अरविंद मिश्र, प्राचार्य, सआदत इंटर कॉलेज
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