नानपारा(बहराइच)। जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या भूमाफियाओं के बुलंद हौसले। लेकिन नानपारा तहसील क्षेत्र में करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर आलीशान होटल खड़ा कर लिया गया। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। चार साल बाद सरकारी योजनाओं के लिए जमीन की तलाश के लिए डीएम के आदेश में इसका खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। राजस्व टीम के आकलन में कब्जाई गई जमीन की मालियत 7.6 करोड़ रुपये निकली है। राजस्व टीम की रिपोर्ट के बाद तहसीलदार कोर्ट में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने नानपारा तहसील क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकारी जमीन की तलाश का आदेश दिया था। इसके तहत नानपारा तहसील क्षेत्र में नक्शे में नान जेड ए सरकारी भूमि की जांच कराई गई। जांच के दौरान नानपारा देहाती के गाटा संख्या 5533, 5428, 5430 पर दर्ज चकरोड पर अवैध कब्जा मिला। बहराइच-नानपारा मार्ग स्थित इस चकरोड की सरकारी जमीन पर आलीशान गोल्डन पाल्म होटल बना मिला। इसके बाद तहसीलदार अजय यादव द्वारा गठित टीम राजस्व निरीक्षक विश्वनाथ मौर्य, राम सजीवन पांडे व लेखपाल बृज बहादुर जायसवाल, शिवकुमार, मनीष कुमार वर्मा, मनीष कुमार आदि ने मौके की पैमाइश की। इसमें गाटा संख्या 5430 रकबा 0.030 हेक्टेयर, गाटा संख्या 5428 रकबा 0.020 हे. व गाटा संख्या 5433 रकबा 0.018 हे. पर होटल व चारदीवारी बनी मिली। लेखपाल बृज बहादुर जायसवाल ने बताया कि बीते चार वर्षों से इस जमीन पर होटल व्यवसायी का कब्जा है। कब्जेदार के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए आख्या तहसीलदार कोर्ट पर दे दी है। साथ ही कोर्ट में तीन अलग-अलग मुकदमा दर्ज किए गए हैं। लेखपाल ने बताया कि कब्जाई गई जमीन की मालियत 7.6 करोड़ निकली है।
मामला गंभीर, उच्चाधिकारियों को दी जानकारी
तहसीलदार नानपारा अजय कुमार यादव ने बताया कि सरकारी भूमि का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें 0.068 हेक्टेयर चकमार्ग की भूमि पर गोल्डन पाल्म मैरिज लॉन व रिसोर्ट बना मिला है। राजस्व टीम ने सात करोड़ साठ लाख रुपये के वाणिज्य सर्किल रेट के हिसाब से उसकी मालियत की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले से उच्चधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
तहसील के पास भी अवैध कब्जे की चर्चा
चकमार्ग की जमीन पर होटल बना मिलने के बाद अन्य कब्जेदारों में भी हड़कंप है। लोगों की चर्चाओं की माने तो तहसील के पास रजिस्ट्री ऑफिस के बगल से रेलवे पटरी तक जाने वाले मार्ग पर बाईं तरफ भी दो सरकारी गाटा संख्या पर कब्जा है और जिम्मेदार मौन हैं।