बहराइच। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को जिले के 99 बैंकों में ताले लटकते रहे। बैंक कर्मियों ने कामकाज से विरत रहकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। सामूहिक सभा करते हुए सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। इस हड़ताल से लगभग दो सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
मंडलीय इलाहाबाद कार्यालय शाखा परिसर में बैंक कर्मियों की सभा हुई। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व यूनाइटेड फोरम के अध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार से वेतन समझौता हुआ था, लेकिन उस समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है। पेंशन योजना भी लंबित है। नियुक्तियों को बहाल नहीं किया जा रहा है। संगठन के संयोजक कृष्णकांत अवस्थी ने कहा कि बैंक कर्मी अरसे से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए आवाज उठा रहे हैं लेकिन सरकार सुन नहीं रही है। कर्मचारियों की कमी से बैंक में तैनात कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ा है। एनपीए विसंगति समेत अन्य मांगे पूरी नहीं की जा रही है। इसके चलतेे हड़ताल का सहारा लेना पड़ा है। करोड़ों का बैंकिंग कारोबार ठप हुआ है, इस बारे में सरकार को सोचना चाहिए। उन्होंने सभी से एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
सभा को केनरा बैंक के अनुज गुप्ता, इलाहाबाद बैंक के फेरू लाल बाजपेई, देवेंद्र गिरि, किशन पंकज, लाल जी जायसवाल, बिजया बैंक के जितेंद्र ने भी संबोधित किया। इस मौके पर बैंक ऑफ इंडिया, सिंडीकेट बैंक, इंडियन बैंक, स्टेट बैंक मुख्य शाखा के कर्मचारी भी मौजूद रहे। सभी बैंकों के इकाई नेताओं ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन थमने वाला नहीं। बैैंक संगठनों के नेताओं ने लंबित मांगों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए हठधर्मिता का भी आरोप लगाया।
लीड बैंक प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि सभी बैंकों में बुधवार को बैंक कर्मियों की हड़ताल से कामकाज ठप रहा जिससे लगभग 200 करोड़ का लेनदेन जिले में प्रभावित हुआ है। इसमें लगभग 90 करोड़ के चेक क्लीयर नहीं हो सके।