बहराइच। जिला अस्पताल में सक्रिय कुछ नर्सिंग होम के दलाल मरीजों को बहला फुसलाकर अस्पताल के बेड से उठा ले जाते हैं। तीमारदार और अस्पताल कर्मी विरोध करते हैं तो उन पर हमला करने से भी बाज नहीं आते। इस मामले में सीएमएस ने कई बार पत्र लिखा लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस महकमा नहीं कर रहा है। अब यह दलाल अस्पताल के सामने स्थित मोहल्ले वासियों के लिए भी सिरदर्द बन गए हैं। इस पर मोहल्लेवायिों ने दलालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोहल्ले के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेज कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला अस्पताल के ठीक सामने मोहल्ला कानूनगोपुरा स्थित है। हालात यह है कि अस्पताल के सामने संचालित कुछ नर्सिंगहोम के दलाल अस्पताल में भर्ती मरीजों को बेहतर इलाज का भरोसा देकर नर्सिंगहोम को ले जाते हैं। वहां जब इलाज नहीं मिलता और पैसे ऐंठने का खेल शुरू होता है तो तीमारदार और मरीज के विरोध पर दलाल और नर्सिंगहोम कर्मी पीटने से भी बाज नहीं आते। पखवारे भर में इस तरह की सात घटनाएं हो चुकी हैं। सप्ताह भर पूर्व तो हरदी निवासी पति-पत्नी को इस लिए पीट दिया गया था कि उनके पास दो सौ रुपये कम थे। इससे मोहल्ले में देर शाम तक हंगामा हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर किसी तरह मामला शांत कराया था। इससे कानूनगोपुरा के वासिंदों की समस्या निरंतर बढ़ रही है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में नर्सिंग होमों के 22 एजेंट चहलकदमी करते हैं। इस कार्य के लिए इन एजेंट को चार सौ रुपये से लेकर 5 हजार रूपए तक दिया जाता है। यह रकम मरीज से ही वसूली जाती है। अस्पताल प्रशासन ने नर्सिंग होम के दलालों को चिन्हित कर चौकी इंचार्ज कानूनगोपुरा व नगर कोतवाली को कई बार नामजद सूचना भेजी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।