बहराइच। तराई और नेपाल के पहाड़ों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। रात में नदी खतरे के निशान तक पहुंच गई थी। हालांकि सुबह से जलस्तर में मामूली कमी शुरू हुई है। लेकिन अचानक कटान बढ़ गई है। महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में नदी ने तेज कटान करते हुए 16 मकानों को लील लिया है। 300 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हुई है। पुन: नदी के उफनाने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने के आसार बढ़ गए हैं। लोग दहशत में हैं।
जिले के लोग अभी 29 दिन पूर्व आई बाढ़ की विभीषिका से उबर भी नहीं पाए हैं कि शनिवार देर रात घाघरा फिर उफान पर पहुंच गई है। नेपाल के पहाड़ों और तराई में तीन दिन से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। इसके चलते नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। शनिवार रात नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान 106.07 को पार कर गया। लेकिन इसके बाद जलस्तर स्थिर हुआ और फिर कमी शुरू हो गई। रविवार दोपहर बाद दो बजे नदी का जलस्तर 105.936 मीटर मापा गया। जलस्तर में उतार-चढ़ाव से अचानक कटान तेज हो गई है। महसी और कैसरगंज क्षेत्र में घाघरा की लहरों ने कटान करते हुए दो गांवों के 16 मकानों को लील लिया है। इसके अलावा 300 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है। अचानक नदी के बदले रुख से दहशत की स्थिति है। राहत और बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।