बहराइच। सरकारी गेहूं खरीद की रफ्तार बेहद सुस्त है। डेढ़ माह में महज लक्ष्य का पौने दस फीसदी ही खरीद हो सकी है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहें हैं। अफसर समर्थन मूल्य व बाजार भाव में मामूली अंतर को कारण बताकर अपना पल्ला झाड़ ले रहें हैं। धीमी खरीद से गेहूं क्रय केंद्र बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं अगर खरीद बढ़ी तो गोदामों में भंडारण की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। अब तक खरीदे गए गेहूं में एफसीआई कमियां भी निकाल रहा है।
किसानों का गेहूं खरीदने के लिए जनपद में आठ एजेंसियों को जिम्मेदारी देते हुए 85 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। शासन ने 52 हजार 160 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य जनपद के लिए निर्धारित किया है। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज 4934 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद की जा सकी है। यह लक्ष्य का महज 9.46 प्रतिशत है। ऐसे में गेहूं खरीद लक्ष्य के पूरा होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।