जरवलरोड (बहराइच)। नकदी और जेवरात दोगुना और घरेलू समस्याएं दूर करने का झांसा देकर शनिवार रात एक तांत्रिक ने रेलकर्मी के पांच लाख की संपत्ति उड़ा दी। उसने पूजा-पाठ कर सभी को प्रसाद दिया, जिसे खाते ही परिवार के लोग बेहोश हो गए। इसके बाद तांत्रिक 40 हजार रुपये, 21 थान सोने-चांदी के जेवर और बाइक लेकर चंपत हो गया। इससे पहले बड़े बेटे और दामाद ने पूजा का विरोध किया तो रेलकर्मी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। बेहोश हुए लोगों को सीएचसी में 12 घंटे बाद होश आया।
कैसरगंज थाना अंतर्गत ग्राम भरथ सहवाजपुर निवासी रामसमुझ जरवलरोड रेल पथ निरीक्षक कार्यालय में ट्रॉली मैन के पद पर कार्यरत है। शुक्रवार शाम रामसमुझ जब घर लौट रहा था तो उसे स्टेशन की कैंटीन पर एक तांत्रिक मिल गया। बातचीत के दौरान रामसमुझ ने घरेलू समस्याओं का जिक्र तांत्रिक से किया। तांत्रिक ने विशेष पूजा द्वारा समस्याओं से छुटकारा दिलाने की आश्वासन दिया। यह भी कहा कि वह उसके नकदी और जेवरात भी दोगुना कर देगा। तांत्रिक ने अपने को रामसमुझ की बिरादरी का ही बताया। तांत्रिक के झांसे में आकर रामसमुझ उसे अपने घर ले गया। शनिवार सुबह तांत्रिक ने विशेष पूजा के लिए सामान की लिस्ट तैयार की। रात 10 बजे रामसमुझ ने पूजा-अर्चना शुरू करवाई। तांत्रिक की हरकत और पूजा का तरीका देखकर रामसमुझ के बड़े बेटे अंगनू और दामाद भगवानदीन ने पूजा का विरोध किया, जिस पर तांत्रिक ने पूजा खंडित होने की बात कहकर दोनों को हटाने का आदेश दिया।
रामसमुझ ने बेटे और दामाद को समझाया लेकिन जब दोनों नहीं माने तो रामसमुझ ने छत पर बने कमरे में दोनों को बुलाया। इसके बाद चोरी से बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। रात 12 बजे के आसपास तांत्रिक ने धन और नकदी को दोगुना करने के लिए रामसमुझ की पत्नी कमला (50) को छह किलो आटा गूथने को कहा। कमला जब आटा गूथकर लाई तो आटे की लोई में नकदी और जेवरात तांत्रिक ने रखवाए। तांत्रिक ने कहा कि जो जेवरात परिवार के लोग पहने हैं, उन्हें भी लोई में रख लें। घर का कोई भी जेवर पूजा स्थल से अलग रखने पर पूजा खंडित हो जाएगी। तड़के तीन बजे के आसपास तांत्रिक ने पूजा खत्म कर सभी को प्रसाद बांटा। प्रसाद खाते ही रामसमुझ, उसकी पत्नी कमला, मझला बेटा राजकुमार व छोटा बेटा शिवकुमार बेहोश हो गए। इसके बाद तांत्रिक 40 हजार रुपये, 21 थान सोने-चांदी के जेवर और भगवानदीन की बाइक लेकर चंपत हो गया।
सुबह काफी देर तक दरवाजा बंद होने पर छत के कमरे में बंद अंगनू और भगवानदीन ने शोर मचाकर आस-पड़ोस के लोगों को बुलवाया। पड़ोसी घर में घुसे तो सभी बेहोश मिले। पड़ोसियों ने छत का कमरा खोला तो अंगनू और भगवानदीन आननफानन बेहोश परिवारीजनों को लेकर सीएचसी मुस्तफाबाद पहुंचे। यहां इलाज के 12 घंटे बाद रविवार दोपहर 3:15 बजे सभी को होश आया तो रामसुझ ने आपबीती सुनाई। अभी तहरीर नहीं दी गई है। अंगनू ने बताया कि तांत्रिक लगभग साढ़े चार लाख के जेवर समेट ले गया ।