मिहींपुरवा (बहराइच)। मोतीपुर रेंज के एक वन रक्षक की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया गया। खरकोदिया नाले के पास से पुलिस ने शव बरामद किया है, जिस पर कई जगह चोटों के निशान हैं। मृतक की पत्नी ने गांव के दो लोगों से भूमि विवाद की बात कहते हुए उन पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर जांच शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज करने की बात कही है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र अंतर्गत भवनियापुर गांव निवासी रामसरन (45) पुत्र द्वारिका प्रसाद, मोतीपुर रेंज के बनघुसरी वन चौकी पर वन रक्षक के पद पर तैनात था। रविवार रात वह प्रतिदिन की तरह घर से खाना खाकर ड्यूटी पर निकला था। चौकी पर पहुंचने के बाद देर रात रामसरन जंगल की सुरक्षा के लिए गश्त पर निकल गया लेकिन सोमवार सुबह देर तक वह वन चौकी पर नहीं लौटा। इस पर वनकर्मियों ने खोजबीन शुरू की तो दोपहर में एक व्यक्ति का शव खरकोदिया नाले के पास होने की सूचना मिली। वनकर्मी मौके पर पहुंचे तो शव की पहचान रामसरन के रूप में हुई। उसके सिर, हाथ व पैर में गहरे जख्म थे। मौके पर संघर्ष के निशान भी हैं, जिससे लग रहा है कि रामसरन ने अपने बचाव में हत्या आरोपियों से काफी देर तक संघर्ष किया है।
सूचना पर थानाध्यक्ष एके यादव और मिहींपुरवा चौकी इंचार्ज बीडी राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक की पत्नी राजरानी ने गांव के दो लोगों से जमीन का पुराना विवाद होने की बात बताई है। यह भी कहा है कि दोनों व्यक्ति आए दिन उसके पति को देख लेने की धमकी देते थे। एसओ ने कहा कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोनाें आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी। थानाध्यक्ष ने कहा कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही उनके नामों का खुलासा किया जाएगा।