बहराइच। सरकारी सेवाओं से लोग क्यों मुंह मोड़ रहे हैं और निजी सेवाओं की ओर दिलचस्पी का कारण सरकार पता लगाएगी। केंद्र सरकार ने नेशनल सैंपल सर्वे के तहत शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर सर्वे कराने की योजना तैयार की है। इसके लिए गठित टीम कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी। जिले में सर्वे फरवरी से शुरू होगा।
केंद्र सरकार ने इस बार नेशनल सैंपल सर्वे में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल किया है। इसके लिए जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी एसके बघेल पिछले दिनों लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर लौटे हैं। इसके बाद जिला स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए है। ये मास्टर ट्रेनर अब सर्वे टीम को प्रशिक्षित करेंगे और इसके बाद फरवरी में सर्वे शुरू होगा। केंद्र सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा के मद में प्रतिमाह अरबों रुपये खर्च करती है। इसके अलावा छात्रवृत्ति, मिड-डे मील, शुल्क प्रतिपूर्ति, निशुल्क किताबें समेत अन्य सहूलियतें हैं, बावजूद इसके जनता सरकारी बजाए निजी शिक्षण संस्थानों को ज्यादा तवज्जो देती है। यही हाल स्वास्थ्य सेवाओं का भी है। लोग प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख करने लगे हैं।