बहराइच। दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का फॉर्म भरवाने में जिले की शिक्षण संस्थाएं इस बार फिसड्डी साबित हुई हैं। समीक्षा के दौरान शनिवार को जिलाधिकारी ने काफी नाराजगी जताई। उन्होंने बैठक में गैर हाजिर रहने वाले व फॉर्म अग्रसारित न करने वाले चार कॉलेजों के प्राचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। देर शाम सभी के खिलाफ कोतवाली देहात में केस दर्ज कर लिया गया है।
कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में शनिवार को दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी किंजल सिंह ने बताया छात्र-छात्राओं द्वारा 51632 आवेदन पत्र आनलाइन भरे गए हैं, जबकि 6165 आवेदन पत्र ही कॉलेजों द्वारा अग्रसारित किए गए हैं। यह काफी निराशाजनक स्थिति है। जिलाधिकारी ने पाया कि बैठक में संजीवनी महाविद्यालय कीर्तनपुर, गायत्री विद्यापीठ महाविद्यालय रिसिया, राजमाता लल्लीदेवी डिग्री कालेज पयागपुर और हुकुम सिंह इंटर कॉलेज कैसरगंज के प्रधानाचार्य नहीं उपस्थित हुए। साथ ही, इन चारों कॉलेजों द्वारा अब तक एक भी आवेदन भी अग्रसारित नहीं किए गए हैं। डीएम के आदेश पर शनिवार देर शाम सभी चार कॉलेजों के प्राचार्यों के खिलाफ डीआईओएस अमरेंद्र सिंह ने कर्तव्यों में हीलाहवाली बरतने व छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, बैठक में डीएम ने दो दिन के अंदर सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को पात्र छात्र-छात्राओं के फार्म भरवाने का आदेश दिया है। हीलाहवाली बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि शत प्रतिशत छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति फार्म भरवाकर अग्रसारित करवाने वाले स्कूलों के कर्मचारियों को टी पार्टी दी जाएगी। समीक्षा के दौरान जीजीएचएस विशेश्वरगंज की उपलब्धि बेहतर मिली। इस स्कूल को विशेष प्रविष्टि दिए जाने का निर्देश डीएम ने दिया है।
डिबार विद्यालयों में भी चुनें बेहतर विद्यालय
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डीआईओएस को निर्देश दिया कि वर्ष 2014 की परीक्षा में 87970 परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में 174 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाने की रिपोर्ट भेजी गई है। डीएम ने कहा कि अगर जरूरत हो तो ब्लैक लिस्टेड विद्यालयों में बेहतर विद्यालयों का चयन कर उन्हें परीक्षा केंद्र के रूप में प्रस्तावित किया जा सकता है। डीएम ने इस मामले में एसडीएम को भी निर्देशित किया है।