राजीचौराहा (बहराइच)। राजी चौराहा स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर ट्रक का मालिक तथा गन्ना लदाई के लिए किसानों से तीन रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मांगने से नाराज किसान शनिवार दोपहर आंदोलित हो उठे। किसानों ने किसानगंज चौराहे पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पाकर थानाध्यक्ष हरदी और एसडीएम वीके सिंह मौके पर पहुंचे। इसी दौरान थानाध्यक्ष ने एक किसान को फटकार दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। आननफानन एसडीएम ने उसे जीप से उसे जिला अस्पताल भेजवाया। किसानों ने थानाध्यक्ष पर किसान को धक्का देकर गिराने का भी आरोप लगाया है।
हरदी थाना अंतर्गत राजी चौराहा गन्ना क्रय केंद्र पर तीन दिनाें से क्षेत्र के गन्ना किसानों की बैलगाड़ियां व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार लगी हुई है लेकिन पारले चीनी मिल के ट्रक गन्ना लदान के लिए काफी कम संख्या में पहुंच रहे हैं। इस कारण गन्ने की तौल काफी धीमी है। साथ ही, ट्रक पर गन्ना लोड करने के नाम पर किसानों से तीन रुपये प्रति क्विंटल कमीशन भी वसूला जा रहा है। इससे नाराज किसान शनिवार दोपहर गन्ना किसान राहुल सिंह, मुन्ना सिंह, पंकज वर्मा, रामकुमार और पटवारी दीक्षित की अगुवाई में किसानगंज चौराहे पर धरने पर बैठ गए। किसानगंज-तटबंध मार्ग पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूचना पाकर हरदी थानाध्यक्ष कालीचरन, उपजिलाधिकारी महसी वीके सिंह और सीओ महसी एमपी सिंह मौके पर पहुंचे। जब एसडीएम और सीओ प्रदर्शनकारी किसानों से वार्ता कर रहे थे, तभी थानाध्यक्ष कालीचरन ने पुष्पेंद्र सिंह (20) पुत्र मुन्ना सिंह को काफी फटकारा। किसानों का यह भी कहना है कि थानाध्यक्ष ने धक्का देकर उसे गिरा दिया, जिससे पुष्पेंद्र बेहोश हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। आननफानन एसडीएम ने उसे अपने वाहन पर लादकर महसी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद पुष्पेंद्र को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। इस मामले में थानाध्यक्ष कालीचरन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने पुष्पेंद्र को न तोे धक्का दिया न तो फटकारा। सिर्फ जनहित में जाम न लगाने की बात कही थी। उधर, एसडीएम वीके सिंह का कहना है कि थानाध्यक्ष सिर्फ युवक को समझा रहे थे, अचानक वह जमीन पर गिर पड़ा। एसडीएम का कहना है कि युवक पहले से कुछ बीमार था।